महासमुंद: छबिराम और तिलक को मिली मोटराइज्ड ट्राई साइकिल
कलेक्टर के हाथ से ट्राई साइकिल पाकर वे दोनों बहुत खुश हैं। उन्होंने बताया कि अब वह अपने गांव में कहीं भी आ जा सकते है। पहले आने-जाने के लिए परिजन या किसी व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। उन्होंने बताया कि अपने हिसाब से वे जल्द ही कोई कामकाज करेंगे। छबिराम पटेल ने बताया कि वे गांव में साग-सब्जी की दुकान लगाते है। इसी तरह कार्तिक राम ढीमर ने बताया कि वे पान ठेला सहित छोटा सा किराना दुकान चलाकर अपनी आजीविका में लगे हुए है। मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिल जाने से अब उन्हें आसानी से अपनी आर्थिक स्थिति में अधिक सुधार करेंगे और अपने पैरों पर खड़ा होंगे।
उप संचालक समाज कल्याण संगीता ने बताया कि बहुत पहले दोनों दिव्यांग 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं, इसलिए ऑटोमेटिक ट्रायसायकल समाज कल्याण विभाग द्वारा दी गई है। ताकि वे अपने रोजमर्रा के काम सरलता से कर सकें। उन्होंने बताया कि मोटराइज्ड ट्राई साइकिल (बैटरी चलित) आज कलेक्टर के हाथों से उपलब्ध करायी गयी है ताकि ये अपना रोजगार कर अपना जीवन यापन कर सकें।