महासमुंद: पूरे उत्साह के साथ अधिकारी पहुंचे गौठानों में, कले... - CG Sandesh

महासमुंद: पूरे उत्साह के साथ अधिकारी पहुंचे गौठानों में, कलेक्टर ने गौठानों में चल रही गतिविधियों की रियालिटी चेक की

बगारपाली गौठान में महिला समूह की मांग पर मुर्गी शेड को और बड़ा करने के दिए निर्देश

महासमुंद: राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी अंतर्गत आज महासमुंद जिले में प्रत्येक गौठानों में गौठान पहुंच दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। तेज धूप में कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने गौठानों में चल रहे विभिन्न आजीविका संबंधित गतिविधियां सहित गोबर खरीदी, वर्मी उत्पादन, मवेशियों के लिए पानी, चारे की उपलब्धता और मवेशियों के उपस्थिति की रियालिटी चेक (वास्तविकता की जांच) व आंकलन किया।

कलेक्टर क्षीरसागर और जिला पंचायत सीईओ एस.आलोक पिथौरा ब्लॉक के बगारपाली और कुम्हारीमुड़ा गौठान पहुंचे। उन्होंने समूह की महिलाओं, गौठान समिति के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों और चरवाहों से बातचीत की। उन्होंने वर्मी टांका में जाकर उत्पादन देखी। गौठानों में पानी उपलब्धता की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने गौठान में मल्टी एक्टिविटी पर जोर दिया। उन्होंने गौठानों का कलस्टर बनाकर गौवंश की देखरेख और मवेशियों को गौठानों में रोज नियमित रूप से लाने और ले जाने के लिए चरवाहों को कहा। बगारपाली में महिला समूह की मांग पर मुर्गी पालन शेड को और बड़ा करने के निर्देश दिए। बगारपाली गौठान में चल रही कार्य और गतिविधियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कुम्हारीमुड़ा गौठान में अपूर्ण निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर क्षीरसागर ने कहा कि गांव की पहचान खेती किसानी के साथ-साथ ही मवेशियों से भी है। मवेशियों के होने से फसल उत्पादन में वृद्धि सम्भव है। गौठान में गायों के रहने से खेत में लगी फसल सुरक्षित रहेगी। इसके लिए खेत को घेरने की आवश्यकता नहीं होगी। गौठान में पानी, चारा, छांव आदि की व्यवस्था होने से मवेशी गौठान की ओर आकर्षित होंगे। इसलिए गौठान में चरवाहों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि चरवाहों को प्रशिक्षण के दौरान ही मवेशियों की मौसमी बीमारी एवं अन्य रोगों के साथ ही उपचार की भी जानकारी दी गई है। चरवाहा भी सरकार का एक अंग है। उन्हें रोजगार भी मिला है। उन्होंने एक अच्छे चरवाहा के लिए जरूरी टिप्स भी दिए।

उन्होंने कहा कि गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है। इससे समूह की महिलाओं को भी रोजगार मिला है। उन्होंने नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी के बेहतर प्रबंधन के लिए ग्रामीणों से सुझाव भी ली और ग्रामीण महिलाओं को स्व सहायता समूह के माध्यम से विभिन्न रोजगार मूलक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जैविक खाद का महत्व भी बताया। उन्होंने किसानों से कहा कि फसल अपशिष्ट पैरा को खेत में जलाकर नष्ट न करें। पैरा गौठान में दान करे। इससे गौठान में चारा की व्यवस्था हो जाएगी। इस मौके पर एसडीएम पिथौरा ऋतु हेमनानी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप प्रधान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें