महासमुंद : छात्र-छात्राओं से संबंधित छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता से करें - महेंद्र छाबड़ा
आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा ने पूर्व बैठक की जानकारी ली गई। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्री कार्यक्रम शुरू किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अल्पसंख्यक समुदायों के लाभार्थियों को सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ अन्य प्राथमिकता वाले ऋणों के तहत बैंक क्रेडिट का उचित हिस्सा मिले। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राथमिक क्षेत्र के ऋण का उचित प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदायों को लक्षित करें और वंचितों के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक समुदायों के वंचित वर्गों तक पहुंचे। ताकि अल्पसंख्यक समुदाय का शैक्षिक सशक्तिकरण, रोजगारोन्मुखी कौशल विकास तथा बुनियादी ढाँचे का निर्माण हो सके ।
अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा ने बैठक में जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय निकाय, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा, विद्युत, आदिम जाति कल्याण विभाग, अंत्यावसायी वित्त विकास निगम, नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास विभाग, खनिज विभाग, उद्योग विभाग द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभान्वितों की समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने विभागों में अल्पसंख्यकों के हित में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी।
अध्यक्ष छाबड़ा ने कहा कि विभिन्न विभागों सहित आदिम जाति कल्याण विभाग और अंत्यावसायी वित्त विकास निगम के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए बहुतायत में योजनाएं चलाई जाती है। इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि इसका लाभ पात्र अल्पसंख्यक हितग्राहियों को मिले। आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए बहुत सारी योजनाएं संचालित होती है। इनका लाभ अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों को मिले इसके लिए गंभीरता से प्रयास करने की जरूरत है। खासकर अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं से संबंधित छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता से होना चाहिए। कहा कि अंत्यावसायी वित्त एवं विकास निगम की ओर से योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए शिविर लगाया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को सभी विभागों में विभिन्न योजनाओं के जरिए लाभान्वित अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की विकासखंडवार सूची बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, अपर कलेक्टर ओ.पी. कोसरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्भुलकर, एसडीएम भागवत जायसवाल, सहायक संचालक आदिम जाति विकास एल.आर. कुर्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।