CG : दोस्त ने की दोस्त की हत्या, गर्लफ्रेंड के चलते उठा विवाद, इस तरह बनाई हत्या की योजना
धमतरी। जिले में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या की अनसुलझी गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यहाँ प्रेम विवाद में दोस्त ने ही दोस्त को मौत की नींद सुला दी। पुलिस ने हत्या में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया था। मृतक भावेश कांकेर जिले का रहने वाला है। आरोपियों द्वारा हत्या के मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया था।
पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांकेर निवासी भावेश की उमाशंकर और यशवर्धन के साथ दोस्ती थी। उमाशंकर की एक दोस्त थी, जो कालेज की पढ़ाई करती थी, एक दिन उमाशंकर भावेश को अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाया, जिसके बाद भावेश अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड पर फिदा हो गया। दोनों के बीच नजदीकियां बड़ी और आपस में बात होने लगी। दोस्त के पीठ पीछे दोनों मिलने जुलने भी लगे। जब तक इसकी जानकारी उमाशंकर की नहीं हुई तब तक सब ठीक चला। इसी बीच गर्लफ्रेंड के अचानक बदले रवैये ने उमाशंकर को भावेश की दगाबाजी और गर्लफ्रेंड की बेवफाई की भनक लगी।
दोस्त और गर्लफ्रेंड से मिले दोहरे धोखे से उमाशंकर बौखला गया। इसके बाद दोनों के बीच खूब विवाद और मारपीट भी हुआ। विवाद में उमाशंकर ने धमकी भी दे डाली की अगर वह उसकी गर्लफ्रेंड से दूर नहीं हुआ तो अंजाम ठीक नहीं होगा। लेकिन भावेश ने बातचीत बंद नहीं की, जिसके बाद से भावेश को रास्ते से हटाने का प्लान उमाशंकर ने तैयार करना शुरू कर दिया।
इसी बीच हत्या की पूरी योजना के साथ 23 अप्रैल को उमाशंकर और यशवर्धन मृतक भावेश के घर गए और पार्टी करने की बात पर राजी किया और अपने साथ बाइक पर धमतरी ले आये। धमतरी में उमाशंकर ने एक और दोस्त विकास को भी अपने साथ लिया। इसके बाद शराब खरीदकर रुद्री नहर के किनारे गए वहाँ भावेश को जमकर शराब पिलाई। इसके बाद शराब का नशा चढ़ते की उसके कपड़े उतारे और गहरे पानी में फेंक दिया। इसके बाद भावेश का मोबाइल पर्स और बाइक लेकर चले गए। विकास को धमतरी में छोड़ दिया। उमाशंकर और यशवर्धन इसके बाद कांकेर की ओर लौटने लगें। रास्ते मे जंगल के अंदर सबूत मिटाने के इरादे से मृतक भावेश की बाइक को जला दिया, बाद में 24 अप्रैल को भावेश की लाश घटना स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर नहर में बरामद की गई थी।
हालांकि घटना की शुरूआती जांच में आत्महत्या समझा जा रहा था, लेकिन मौके से मृतक के पर्स, मोबाइल का गायब होने, और कांकेर के जंगल मे जली हुई बाइक का मिलना और इन सबके बाद मृतक के मामा का लगातार इसको हत्या होने का दावा करना, इससे पुलिस गहराई से जांच के लिए दबाव में आई, दोस्तो से पूछताछ के सिलसिला चला, और आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया और इसको अंजाम देने की वजह का भी खुलासा कर दिया।