मौसम की बेरुखी ने उसका आशियाना भी छिन लिया पहले से ही पेड़ ग... - CG Sandesh

मौसम की बेरुखी ने उसका आशियाना भी छिन लिया पहले से ही पेड़ गिरने का हो चुका था आभास

अन्तागढ़/भैसासुर. कहते हैं जब परेशानी आती है तो चारों तरफ से आती है। ऐसा ही एक नजारा ग्राम पंचायत भैंसासुर में देखने को मिला। जहां निवास कर रही एक बेवा कुछ वर्ष पहले पैसे के अभाव में अपने पति को खो दिया। इसके बाद जैसे-तैसे मजदूरी कर अपना जीवन यापन चला रही थी, दो बच्चों का पालन पोषण कर रही थी।

मौसम की बेरुखी ने उसका आशियाना भी छिन लिया। हम बात कर रहे हैं 11 अपै्रल की शाम की जहां पूरे जिले में मौसम में अचानक परिवर्तन हुआ और भैंसासुर निवासी शांति दुग्गा के घर की छत पर एक आम का पेड़ गिर गया। इससे उसका घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त उसकी छह साल की बेटी और आठ साल का बेटा मौजूद थे, हालांकि इस घटना से किसी को भी किसी भी प्रकार क्षति नहीं हुई, लेकिन गरीब का आशियाना पूरी तरह से ढ़ह गया है। इसके कारण अब गरीब के पास रहने की समस्या सताने लगी है।

पहले से ही पेड़ गिरने का हो चुका था आभास पीडि़त शांति बाई ने कहा कि अचानक आए तेज हवा तूफान में उसे आभास हो गया था, कि पेड़ गिर सकता है। जिसके कारण वह वहां से निकल कर दूसरे कमरे में अपने बच्चों के साथ चली गई थी। शांति बाई ने बताया कि यदि वह दूसरे कमरे में नहीं जाती तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी, लेकिन महिला की समझारी के चलते किसी को भी कोई क्षति नहीं हुई। लेकिन उसका घर पूरी तरह से ढह गया। वर्तमान में महिला अपने बच्चों के साथ उसकी झोपड़ी के एक कोने में अपने बच्चों के साथ रह रही है। महिला ने कहा कि शासन-प्रशासन से कुछ मदद मिल जाती तो उसकी समस्या का समाधान हो जाता, जिसके चलते महिला ने मदद की गुहार लगाई है।

वर्तमान में गरीब महिला उसी कुटिया के छोटे से कोने में अपने दोनों बच्चों के साथ निवास करती है उसने कहा कि वह मजदूरी कर अपना घर और अपने बच्चों का पेट पालती है। अब उसके सामने फिर से एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जिसके चलते पीडि़त महिला ने शासन प्रशासन से मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि उसका आशियाना बन जाए।

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