सरायपाली : बर्तन बेचकर सरकारी अस्पताल में करवाना पड़ा पत्नी का प्रसव, क्योंकि नर्स मांगती है सूजी माटी और मिठाई के लिए पैसे.
हेमन्त वैष्णव. लोगों के स्वास्थ को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नि:शुल्क में चलाये जा रहे सभी योजनाओं पर प्रश्न चिन्ह तब लग जाता है जब, एक गरीब व्यक्ति अपने घर के बर्तन बेचकर सरकारी अस्पताल में अपनी पत्नी का प्रसव करवाता है.
मामला है सरायपाली विकासखंड के उप स्वास्थ केंद्र आंवलाचक्का का, जहाँ पदस्थ एक नर्स ने प्रसव के नाम पर एक गरीब परिवार को 1100 रुपये देने पर मजबूर किया. नर्स ने प्रसव पीड़िता के पति से कहा कि ईलाज के बहार से इंजेक्शन और दवाइयां लाइ गई है. जिसके पैसे आपको देने होंगे.
सरकारी योजनाओं का नि:शुल्क और अच्छा लाभ मिलने की सोचकर एक गरीब व्यक्ति ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन इस सरकारी अस्पताल के चक्कर में उसे घर पुराने बर्तन बेचने पड़े.
इस मामले में सीजी सन्देश के पास नर्स का प्रसव पीड़िता महिला के पति से पैसा लेते हुए विडियो सामने आया है. इसमें नर्स कहती है कि आज कल पड़े लिखे लोग ज्यादा हो गए हैं जो डिलीवरी केश को मामूली समझते हैं. और नर्स पैसे की मांग करते हुए कहती है कि दे नहीं तो अच्छा नहीं होगा. इसके आलावा नर्स 500 रुपये अलग से मिठाई खाने के लिए मांगती हुई दिखाई देती है. और गोली माटी के अलग.
इसपर जब प्रसव पीड़िता का पति कहता है कि मैं गरीब हूँ. तो नर्स कहती है कि इतने में कैसे गरीब हो जाओगे. अगर अभी किसी निजी अस्पताल में जाकर 10 हजार देना पड़ता तो तब गरीब नहीं होते. एक तरफ तो नर्स पैसे को लेकर एक गरीब व्यक्ति को पैसे देने पर मजबूर कर देती हैं. और जब वह गरीब पैसे जुगाड़ कर लाकर नर्स को देता हैं तो कहती है कि ख़ुशी से दिया जायेगा तो ही लुंगी नहीं तो नहीं लुंगी. ऐसे में बेचारे पीड़ित को समझ नहीं आता की वो पैसे ख़ुशी ख़ुशी दे भी या नहीं.
मजबूरन दिल पर पत्थर रखकर ख़ुशी-खुशी उक्त व्यक्ति को नर्स को पैसे देने पड़ते हैं क्योंकि उसकी पत्नी उसी अस्पताल में अब भी भर्ती है, वह दुश्मनी मोड़ ले भी तो किससे. सूत्रों की माने तो स्थानीय जनप्रतिनिधी से लेकर कई बड़े नेताओ के अच्छे सम्बन्ध इस नर्स से हैं. जिसके कारण वह किसी भी तरह से भ्रष्टाचार करने पर नही डरती है. ना ही उसे किसी तरह कोई कार्यवाही का डर है.
अंत में विडियो में नर्स यह भी कहते हुए सुनाई देती है कि किसी दूसरों से मैं 1 हजार से कम नहीं लेती हूँ. उसके बाद पैसे गिनती हैं और एक पर्ची देकर मेडीकल से दवाई लाने को कहती है. कहती है अस्पताल में दवाई नहीं है. और फिर याद दिलाती है की अब भी सूजी माटी का पैसा बचा है जिसे याद से बाद में दे देना.
वहीं कुछ मीडियाकर्मियों को नर्स का पैसे लेते हुए विडियो मिलने पर जब वे इसकी शिकायत करने सरायपाली के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण साहू के पास पहुंचे तो डॉ. नारायण साहू ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है. इसके पहले भी इस नर्स का पीड़ितों से पैसा लेने का मामला सामने आ चूका है. जिसको लेकर जाँच फाइल बनाई गई और कार्यवाही के लिए जिला चिकित्सा अधिकारी को भेजा गया. लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. आपकी सुचना को पुन: संज्ञान में लिया जायेगा और फिर एक बार कार्यवाही हेतु जिला चिकित्सा अधिकारी को लिखा जायेगा. खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस मामले में नर्स सस्पेंड हो सकती है.
इसका मतलब नर्स पहले से ही इस तरह से पैसे लेते आ रही है, शिकायत होने पर कार्यवाही नहीं होने से इसके हौसले बुलंद हैं, जो किसी राजनैतिक संरक्षण की ओर ईशारा करते हैं. और इसी संरक्षण के चलते क्षेत्र में सरकार और उसकी नि:शुल्क दिए जाने वाली योजनाओं की बदनामी होती है. शासन-प्रशासन को इसे संज्ञान में लेते हुए उक्त नर्स पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिये. ताकि ऐसे करने वाले लोगों को एक कड़ा संदेश जाए और इस तरह के उगाही भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके.