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भीषण गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, छत्तीसगढ़ में इस तारीख से होगी मॉनसून की एंट्री

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के राहत की खबर है। मौसम विज्ञान विभाग (meteorological department) का अनुमान है कि इस बार मानसून जल्दी आएगा। मौसम विज्ञानियों ने बताया है कि मानसून 27 मई तक केरल तट पर पहुंच जाएंगे। ऐसा हुआ और सब कुछ सामान्य रहा तो अगले 10 दिन में 7 जून तक छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh ) की धरती पर मानसून का आगमन होगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने परीक्षा में सफल सभी परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों से कहा है कि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है इसको ध्यान में रखते हुए वे निराश न हों और पुनः मेहनत से पढ़ाई करके सफलता प्राप्त करें. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव प्रोफेसर व्ही.के. गोयल, मंडल के सदस्य और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है, भारत में दक्षिण अंडमान सागर में शुरुआती मानसूनी बारिश का अनुभव होता है। इसके साथ ही मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ती हैं। सामान्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 मई तक अंडमान सागर के ऊपर से आगे बढ़ता है। अभी बढ़ी हुई क्रास इक्वेटोरियल हवा की स्थिति दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल हो रही हैं। मौसम विभाग के गणितीय मॉडल के मुताबिक इस साल केरल में मानसून की शुरुआत सामान्य से कुछ पहले यानी 27 मई से होने जा रही है। इस मॉडल में चार दिन-आगे पीछे होने की गुंजाइश है। 2021 में मानसून 3 जून को केरल तट पर पहुंचा था।

छत्तीसगढ़ में मानसून की शुरुआत सामान्य तौर पर 15-16 जून से माना जाता है। केरल तट से बस्तर तक पहुंचने में मानसूनी सिस्टम को 12-13 दिनाें का वक्त लगता है। पिछले साल यह 6 दिन पहले ही यानी 9-10 जून की रात में ही रायपुर तक पहुंच गया था। प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में जोरदार बारिश के साथ मानसून की घोषणा हुई थी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है, छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए समय से मानसून का आना और सामान्य रहना बड़ी राहत है। यहां खरीफ के फसलों का बड़ा रकबा बरसात पर ही निर्भर है। एक फसली इलाकों में यह बरसात अच्छी फसल की उम्मीद बढ़ाएगा।


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