बसना : बच्चों के खेलने की जगह बनी शराबियों के मारपीट का अखाड़ा, अब रखवाली कर रही पुलिस.
भारी विवाद के बाद नगर पंचायत बसना के खेल मैदान सिटी ग्राउंड पर मीना बाज़ार (मेला) लगाने की अनुमति दे दी गई जिसके बाद नगर में बच्चों के खेल मैदान के लिए कोई जगह नहीं बची.
वैसे तो बसना विधानसभा में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई जनप्रतिनिधि आये दिन गाँव-गाँव में होने वाले टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता में अपने विचार प्रकट करते हुए नजर आते हैं. लेकिन तब यह हास्यप्रद हो जाता है जब नगर में खेलने के नाम पर कोई मैदान नही रहता है.
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में इन दिनों गर्मी की छुट्टियाँ चल रही है. जिसमे कई बच्चे अपना समय मैदानों में खेलकर बिताते हैं. अब गर्मी की छुट्टी कुछ ही दिन शेष रह गई है.
बच्चों के छुट्टी ख़त्म होने में अब उतने ही दिन शेष बचे हैं जितने दिन बसना के खेल मैदान सिटी ग्राउंड में मेला लगने वाल है.
ऐसे में वहां रोज खेलने वाले बच्चों के मन में निराशा है, आसपास के बच्चे जो वहां खेलने पहुँचते थे उनके पास खेलने के लिए अब कोई मैदान नही बचा है. मैदान में गंदगी परसी रहती है. खेल मैदान अब प्रदर्शनी, मेला और मनोरंजन स्थल बन चूका है.
जहाँ बच्चे खेला करते थे अब वहां मनोरंजन के नाम पर पैसा लिया जा रहा है. मीना बाजार में भी मनोरंजन के नाम पर लुट मचा रखी है. जो शासकीय कर्मचारी है उन्हें तो मुफ्त का पास मिला हुआ है, अन्य लोगों को खेल मैदान में भी पार्किंग का पैसा देना पड़ है. वहीँ मीना बाजार के बाहर ठेला वालों से भी प्रतिदिन के हिसाब से 200 से 300 रुपये तक वसूला जा रहा है.
इन सब से अलग उक्त मैदान से मारपीट की खबर भी अब सामने आने लगी है. नगर में यह चर्चा का विषय है कि दो दिन पूर्व बसना में 8 से 10 लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति की जमकर पिटाई की. जिसपर किसी तरह की कोई पुलिस कार्यवाही नही हुई. ना ही मीनाबाज़ार संचालक ने किसी तरह की कोई शिकायत पुलिस में की.
इस मामले में मारपीट करने वालों का भी कुछ पता नही चला और ना ही पीड़ित सामने आया.
वहीं घटना की बाद अब कल रात पुलिस की टीम मैदान में रखवाली करती नजर आई. जो कई लोगों से 10 बजे तक मीना बाज़ार बंद करने की बात कहती हुई नजर आई. उक्त पुलिसकर्मी का कहना था कि 10 बजे के बाद शराब पीकर हुडदंग करने वाले आ जाते हैं. जिसके कारण मारपीट जैसी घटनाएँ सामने आ रही है.
