छत्तीसगढ़ : 80 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 10 साल का मासूम, पाइप से दी जा रही ऑक्सीजन
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में 10 साल का बच्चा खेलने के दौरान बोरवेल में गिर गया है। फिलहाल राहुल को बचाने के लिए 6 घंटे से रेस्क्यू अभियान जारी है। 36 फीट से ज्यादा की खुदाई हो गई है। पाइप के माध्यम से राहुल का ऑक्सीजन दिया जा रहा है। बोरवेल से राहुल की आवाज और उसकी हलचल पूरी तरह सुनाई और दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए निर्देश दिए हैं।
जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद हैं।कटक और बिलासपुर से NDRFकी टीम रवाना हो चुकी है। कोरबा,रायगढ़ से भी मशीने मंगाई गई हैं।जिला प्रशासन द्वारा हर सम्भव कोशिश की जा रही है।
आसपास के एरिया में बेरिकेडिंग किया गया है। पर्याप्त लाइटिंग के साथ स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस की टीम को तैनात किया गया है। ऑक्सीजन सिलेंडर अतिरिक्त तौर पर रखा गया है।CCTV से कलेक्टर सहित अधिकारी नजर रखे हुए हैं।बच्चे को खाने के लिए केला, फ्रूटी सहित अन्य खाद्य सामग्री भेजी जा रही है।
पिहारिद गांव का राहुल साहू (10) पिता लाला साहू रोज की तरह दोपहर में घर के पीछे अपनी ही बाड़ी में खेल रहा था। दोपहर 2 बजे के बाद से उसका कुछ पता नहीं चला है। परिजन भी इस बात से बेखबर थे।
पता चला है कि उन्हें इस बारे में तब पता चला, जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए। उस दौरान राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा चुका है। बोरवेल का गड्ढा 80 फीट गहरा है। बच्चा लगभग 50 फीट गहराई में फंसा है। मौके पर आस-पास के लोग भी पहुंच गए हैं। पुलिस की टीम और प्रशासन भी मौके पर मौजूद है।बोरवेल से लगातार बच्चे की आवाज सुनाई दे रही है।
प्रशासन की टीम ने कैमरे के माध्यम से उसकी तस्वीर ली है। तस्वीर में उसके सिर का हिस्सा मूवमेंट करता नजर आ रहा है। प्रशासन ने गड्ढे के बगल से जेसीबी की मदद से खुदाई शुरू कर दी है। अब तक करीब 10 फीट गड्ढा बगल से खोद लिया गया है। प्रशासन की टीम की तरफ से लगातार प्रयास जारी है कि उसे सही सलामत जल्दी निकाल लिया जाए।
घर के बाड़ी में जो बोरवेल बनाया गया है। वह राहुल के पिता ने ही बनवाया था। मगर बोरवेल के गड्ढे को खुला छोड़ दिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही परिजन परेशान हैं। ये भी बताया गया है कि बच्चा मानसिक रूप से कमजोर था। जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था। इधर, खबर लगने के बाद से परिजन और आस-पास के लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि राहुल को जल्द निकाल लिया जाए।