महासमुंद : काष्ठ शिल्पकार दिलहरण ने कलेक्टर को भेंट किया राजगीत लिखा काष्ठ बोर्ड
कलेक्टर ने की उनके हुनर की तारीफ
कलेक्टर के पूछने पर उन्होंने बताया कि पहले वो राज्य के विभिन्न शहरों में सड़क किनारें लकड़ी द्वारा निर्मित चाबी की रिंग बेचा करते थे। बाद में प्रशिक्षण लेकर विभिन्न रचनाकारों, साहित्यकारों के साथ ही छत्तीसगढ़ राजगीत, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत सहित अन्य लकड़ी को काटकर अक्षर बनाकर पिरोते हैं। उन्हांेने अब तक विधानसभा अध्यक्ष से लेकर अलग-अलग जिलों में ऐसे ही लकड़ी बोर्ड भेंट किए हैं। कलेक्टर ने उनके काम की तारीफ की और अधिकारियों को भी जरूरत के मुताबिक इस तरह की काष्ठ बोर्ड बनवाने की बात कही।
उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार भी लोक कला, लोक संस्कृति एवं लोक गायन के कलाकारों के विकास की उन्नति के लिए सतत् प्रयास कर रही है। ऐसे हुनरमंदों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। ताकि ऐसे हुनरमंद कलाकार शिल्पकारों की कला को व्यवसाय मिल सके।
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