बसना : 20 मरीजों को मिला मानसिक स्वास्थ्य का लाभ
महासमुंद : 11 जुलाई 2022 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना में मानसिक रोग का जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमेँ 20 मरीजों को चिन्हंकीत किया गया। सभी मरीजो को नि:शुल्क दवाई के साथ मनो सामाजिक परामर्श दिया गया। गंभीर मानसिक रोग के साथ समान्य मानसिक रोग के मरीज मिले थे। जिला मुख्यालय से 100 किमी दुरी से यात्रा कर मरीज आये को लाभ मिया है । अधिकर मानसिक रोगी ग्रमीण एरिया में निवास पाया गया । मानसिक रोग को असाध्य रोग भी समझा जाता है। इस बिमारी को हर कोइ फुक झाड़ करा कर भी देखते हैं। परंतु यह झाड़ फुक से ठीक नही होता। मानसीक रोग होने कई कारण हो सकता है। जेसे समाजिक कारण, शारीरिक करण और मनोवेज्ञनिक कारण हो सकता हैं।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डॉ एस आर बंजारे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी। रोहित कुमार वर्मा डी पीएम और ड्रॉ छत्रपाल चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय से किया गया। शिविर में रामगोपाल खूँटे मनोचिकित्सा समाजिक कार्यकर्ता के द्वारा मनोसामाजिक परामर्श दिया गया। मानसिक बिमारी किसी को भी हो सकता है इसका इलाज संभव है। अगर समय पर इलाज हो जाये। मानसिक बिमारी के मुख्य लक्षण दिखाई देता है जेसे अनिद्रापन,काम काज में मन नही लगना, चिंता करना, मन का उदासी पन, घबराहट बेचेनी, अजीब सा अवाज आना, ब्यवहार में अचानक परिवर्तन होना हो सकता हैं। जेसे जन्म जात बिमारी जिसकी मानसिक योग्यता कम होती हैं पड़ने लिखने व अपना देखभाल करने में परेशानी हो सकती है।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत डॉ एस आर बंजारे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी। रोहित कुमार वर्मा डी पीएम और ड्रॉ छत्रपाल चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय से किया गया। शिविर में रामगोपाल खूँटे मनोचिकित्सा समाजिक कार्यकर्ता के द्वारा मनोसामाजिक परामर्श दिया गया। मानसिक बिमारी किसी को भी हो सकता है इसका इलाज संभव है। अगर समय पर इलाज हो जाये। मानसिक बिमारी के मुख्य लक्षण दिखाई देता है जेसे अनिद्रापन,काम काज में मन नही लगना, चिंता करना, मन का उदासी पन, घबराहट बेचेनी, अजीब सा अवाज आना, ब्यवहार में अचानक परिवर्तन होना हो सकता हैं। जेसे जन्म जात बिमारी जिसकी मानसिक योग्यता कम होती हैं पड़ने लिखने व अपना देखभाल करने में परेशानी हो सकती है।
प्रति सोमवार को मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जाता है प्रथम सोमवार को सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र सरायपाली दुतिय सोमवार बसना, तृतीय पिथौरा और चतुर्थ सोमवार को बागबहरा में मानसिक स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाता है। और जिला चिकित्सालय महासमुंद में सप्ताह में दो दिन शुक्रवार एवं शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता हैं।
मानसिक स्वास्थ्य शिविर में डॉ छत्रपाल चंद्राकर निम्हनस प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी, रामगोपाल खूँटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, देवकुमार डडसेना योगा प्रशिक्षक, गौतम यादव केस रजिस्ट्री असिस्टेंट उपस्थित हुये। पुरे शिविर में ड्रॉ जे पी प्रधान बीएमओ, ड्रॉ नारायन साहू चिकित्सा अधिकारी और डोलचन्द नायक बीपीएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन कार्यकर्ता का सहयोग रहा।
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