महासमुंद : कार्ययोजना बनाकर पात्र लोगों को बूस्टर डोज लगाए - कलेक्टर
उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए गांव के सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, जो रेडी-टू-ईट से जुड़ी महिलाएं, राशन दुकान चलाने वाली महिलाएं, खेल युवा मंडली आदि से भी सक्रिय सहयोग लिया जाए। टीका शिविरों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी भेजा जाए। जो जहां कमी हो उसके निराकरण पर प्रगति लाएं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर. बंजारे ने वैक्सीनेशन संबंधित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेल में बंदियों और स्टाफ को भी डोज लगायी गई है। स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
कलेक्टर क्षीरसागर ने कुछ गौठानों में गोबर खरीदी और वर्मी उत्पादन चिंता जाहिर की। उन्होंने पशुपालकों से गोबर खरीदी और वर्मी उत्पादन नियमित तौर पर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गौठानों में संचालित गतिविधियों और स्व सहायता समूह महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद सी-मार्ट में भेजने की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने कहा कि सुराजी गांव योजना शासन स्तर से लगातार समीक्षा होती रहती है। उन्होंने कहा कि हरेली पर्व 28 जुलाई से जिले के दो स्वावलंबी गौठानों बड़गांव एवं बम्हनी में गौमूत्र की खरीदी की जाएगी। इसके लिए सभी तैयारी समय रहते पूरी कर ली जाएं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक ने जिले की गौठानों में 7 जुलाई से अभी तक गोबर खरीदी और वर्मी उत्पादन की जानकारी दी। उन्हांेने जनपद सीईओ से कहा कि प्रति गौठानों में कम से कम 2 क्विंटल गोबर की खरीदी की जाए। ताकि 15 दिन में गोबर खरीदी 30 क्विंटल दिखाई दे। इसी प्रकार वर्मी उत्पादन भी होना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों के गौठानों में गोबर खरीदी पर प्रगति लाने को कहा।
कलेक्टर क्षीरसागर ने महानदी के तट एवं अन्य नदी के तट के किनारे बसे गांव में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। ताकि बॉधों से छोड़े गए पानी के चलते जनहानि और धनहानि को रोका जा सके। उन्होंने महासमुंद के चलते भारी बारिश संभावित अतिवृष्टि नदी, नालों के उफान तथा बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर लोगों की जान की सुरक्षा के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने एवं तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने खाद-बीज वितरण की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने बारी-बारी से सभी विभागों के लंबित प्रकरणों के निराकरण की जानकारी ली। उन्होंने डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्य को समय में पूरा करने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर (संविदा) ओ.पी. कोसरिया, डॉ. नेहा कपूर, एसडीएम भागवत जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। जिले के विकासखंड के एसडीएम, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, खंड चिकित्सा अधिकारी आदि वीडियों कांफ्रेंस के जरिए जुड़े।