महासमुंद : कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों की ली बैठक   - CG Sandesh

महासमुंद : कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों की ली बैठक

मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बेहतर उपचार मिले: कलेक्टर श्री क्षीरसागर

मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक का नियमित संचालन करें

महासमुंद : कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों बैठक लेकर स्वास्थ्य के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कोविड टीकाकरण की जांच के साथ ही वैक्सीनेशन की डोज लगाने की विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव आदि के प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं का प्रचार प्रसार करते हुए पात्रों को उनका लाभ दिलाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। जिससे कि चिकित्सालयों में आने वाले सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार का लाभ मिल सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर. बंजारे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अब तक 5,57,760 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 12 से 14 वर्ष तक के जिले के 82 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन की पहली खुराक, 15 से 17 आयु वर्ग के 72 प्रतिशत बच्चों को भी पहली डोज लगायी जा चुकी है। इसी प्रकार 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 8,78,512 टीकाकरण की पहली खुराक दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीत 15 तारीख से आगामी 30 सितम्बर तक कार्ययोजना बनाकर बूस्टर डोज लगायी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले की 85 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत शिविर लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य की जरूरी जांच की जाकर दवाइयां दी जा रही हैं।

कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सालयों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो इसका भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत चिन्हित स्थलों में कैम्प लगाकर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों का उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीवन दीप समिति की बैठक 15 अगस्त से पूर्व कराने को कहा। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्रीकॉशन डोज लगाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा छूटे हुए बच्चों का भी टीकाकरण कराएं। इसके लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में फिक्स टीकाकरण सत्र प्रतिदिन आयोजित करते रहें।
उन्होंने बैठक में एकीकृत संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव एवं नियंत्रण के लिए कीटनाशक, डी.डी.टी. का छिड़काव, जिले के सभी मितानिनों के पास एवं सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में मलेरिया रोधी दवाईयों की उपलब्धता रहे और इसका प्रचार-प्रसार भी करें। गर्भवती महिलाओं का नियमित एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव एवं एनीमिक महिलाआंे का नियमित उपचार करें। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधत्व एवं क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, हेल्थ एंड वेलनेस संेटर की जानकारी, भारतीय रेडक्रॉस सोयायटी सहित अन्य कार्यक्रमों की विस्तार पूर्वक समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर. बंजारे, सभी विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।

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