CG : जलती चिता पर पानी डालकर शव निकाला बाहर, सरपंच सहित 9 गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा जिले में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया है, जिसके बाद दोनों पक्षों में बवाल हो गया. एक समाज के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए जलती चिता से शव को बाहर निकाल दिया. इसके बाद दूसरे समाज के लोगों का आक्रोश भड़क गया. गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर बाराद्वारा-जैजैपुर मार्ग पर जाम लगा दिया. बुधवार देर रात से शुरू हुआ हंगामा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शांत हुआ. प्रशासन ने जाम खुलवाने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बाराद्वार बस्ती निवासी प्रदीप पाटले (24) पुत्र भैयालाल पाटले ने बुधवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसके शव के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन बारिश के कारण वहां दिक्कत आ रही थी. इस पर गांव में ही तालाब के पास स्थित दूसरे समाज के एक अन्य श्मशान घाट ले गए. वहां पर शव के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई और चिता को आग दे दी गई.
आरोप है कि उसी समय दूसरे समाज के लोग वहां एकत्र हो गए और हंगामा कर दिया. उन्होंने गालियां देते हुए जलती चिता से शव को बाहर खींच लिया. आरोप है कि दूसरे समाज के लोगों ने चिता में पानी डाल दिया और शव को लात से मारकर अपमानित किया. इस पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया. हंगामे के चलते करीब 20 घंटे बाराद्वार-जैजैपुर मुख्य मार्ग बंद रहा.
आरोपी गिरफ्तार
युवक प्रदीप के पिता की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच जगदीश उरांव सहित 9 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है. सभी आरोपी फरार हो गए थे. लगातार बढ़ रहे हंगामे और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने टीम बनाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी माने और जाम खत्म कर घर लौटे. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की निगरानी में युवक के शव का अंतिम संस्कार कराया गया.