महासमुंद : कलेक्टर ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को अधिक सुदृढ़ीकरण के साथ करने के दिए निर्देश
उन्होंने कहा कि सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण शत प्रतिशत होना चाहिए। ताकि उन्हें विभिन्न बीमारियों से बचाया जा सके। इसके लिए शहरी क्षेत्रों के वार्डों के हितग्राहियों के घरों में जा-जाकर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए नगरीय निकाय, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा समन्वय स्थापित कर टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करें। संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी आग्रह करें कि वे भी टीकाकरण के महत्व के बारे में बताएं।
कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के दौरान जिले के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों के द्वारा लोगों के टीकाकरण कराने के लिए काफी सराहनीय पहल की गई थी। जिसके कारण महासमुंद जिला प्रदेश में शत प्रतिशत टीकाकरण कराने में प्रथम स्थान पर था। इसी तरह छोटे बच्चों का भी शत प्रतिशत टीकाकरण कराएं।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी को कहा कि जिले के कम टीकाकरण कव्हरेज वाले क्षेत्रों को पहले चिन्हांकित करें एवं उन क्षेत्रों में पहले विशेष टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें।। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ सामुदायिक स्तर पर और मुनादी के साथ किया जाए। अभियान के दौरान टीकाकरण सहित अन्य बाल एवं मातृ स्वास्थ्य संबंधी अन्य सेवाएं भी मुहैया कराएं। इसके लिए मितानिन द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र लाभार्थियों की सूची भी तैयार करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक, अपर कलेक्टर डॉ नेहा कपूर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर. बंजारे, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय, शिक्षा विभाग के सहायक संचालक हिमांशु भारतीय, पशु चिकित्सा सेवाएं के उप संचालक डॉ. डी.डी. झारिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविन्द गुप्ता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित कुमार वर्मा, एमएनसीएचए सलाहकार डॉ. मुकुन्द राव घोड़ेसवार सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।