बसना : सरस्वती शिशु मंदिर में व्यवहार न्यायाधीश गिरवर सिंह द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया
सरस्वती शिशु मंदिर बसना में व्यवहार न्यायाधीश न्यायालय बसना गिरवर सिंह द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें न्यायाधीश द्वारा छात्र-छात्राओं के मध्य मित्रवत व्यवहार करते हुए बच्चों को उज्ज्वलभविष्य के प्रति शिक्षा एवं मार्गदर्शन दिया गया। न्यायाधीश गिरवर सिंह ने छात्रों को मार्गदर्शन देते हुए कहा की सर्वप्रथम आप अपने जीवन का लक्ष्य तय करें एवं लक्ष्य तय करने के पश्चात लक्ष्य की ओर जाने वाले मार्ग को देखें तथा यह सुनिश्चित करें आपके लक्ष्य से कोई भी दूसरी वस्तु अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकती अपने लक्ष्य को लेकर मन में किसी भी प्रकार का संशय ना रखें हमेशा ऐसा लक्ष्य बनाएं जो स्पष्ट एवं दूरगामी परिणाम देने वाला हो एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण एकाग्रता एवं स्थिर चित्त से जुट जाएं ।
छात्र छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने अपने स्वयं का उदाहरण देकर बताया कि कक्षा दशम की परीक्षा में वह तीन विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए थे किंतु अनुत्तीर्ण होने के पश्चात उन्हें मन में जो आत्मबोध एवं स्वप्रेरणा हुई उसके चलते उन्होंने अपने मन में यह निश्चय किया कि आप भविष्य में वह कभी भी ऐसी परिस्थिति निर्मित नहीं होने देंगे जिससे उन्हें असफलता का मुंह देखना पड़े। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन एवं मेहनत से पढ़ाई की एवं पिता के मार्गदर्शन से उन्होंने स्नातक के बाद विधि विषय की पढ़ाई का चयन किया क्योंकि उनका लक्स निश्चित था कि उन्हें विधि के क्षेत्र में स्थापित हो समाज को सेवा देनी है । प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के मध्य उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का सामना किया एवं प्रथम प्रयास में असफल भी हुए किंतु उन्होंने कहा कि प्रकृति आपको सदैव प्रेरणा देती है और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है इसलिए कभी भी आप असफलता से निराश ना हो अपना मनोबल बनाए रखें अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ हैं और आप अपना 100% प्रयास करते हैं तो सफलता आपको निश्चित मिलती है । उन्होंने कहा अपने मन में कभी भी हीन भावना ना लाएं अपना मनोबल सदैव मजबूत बनाकर रखें.
इसी क्रम में दूसरी बार जब उन्होंने पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एवं पीएससी की परीक्षा दी तो दोनों में ही चयनित हो गए और ऐसी उपलब्धि करने वाले विरले युवाओं में से एक है, असफलता से डरे नहीं असफलता का जमकर सामना करें सफलता निश्चित मिलेगी ,अंग्रेजी भाषा को कभी भी भय का कारण ना बनने दें अंग्रेजी भी सामान्य भाषाओं की तरह एक भाषा है वह कभी भी आपके मार्ग में बाधक नहीं बन सकते थोड़े परिश्रम और प्रयास से आप आसानी से अंग्रेजी को सीख सकते हैं।साथ ही उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय जीवन की संपूर्ण शिक्षा दीक्षा सरस्वती शिशु मंदिर खैरागढ़ से प्राप्त की है, इसलिए उन्हें पता है कि व्यक्तित्व निर्माण के लिए आवश्यक चरित्र संस्कार एवम अनुशासन जैसी बातें सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में अनिवार्यरूप से सिखाई जाती हैं , बस छात्र इन बातों को अपने जीवन में उतार लें तो उन्हें जीवन में सफल होने से कोई नही रोक सकता.
अंत में उन्होंने कहा कि छात्र जीवन जीवन काल का सबसे अच्छा समय होता है इसलिए अपने छात्र जीवन को पूरी तन्मयता उत्साह उमंग एकाग्रता एवं सकारात्मक विचार से जिए आप जीवन में निश्चित रूप से सफलता एवं आत्म संतोष प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक रामचंद्र अग्रवाल उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा सह-स्थापक सौम्य रंजन कानूनगो समिति के सदस्य आनंद मदनानी विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रमेश कर एवं विद्यालय के आचार्य दे दिया उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन एवम आभार प्रदर्शन सौम्य रंजन कानूनगो द्वारा किया गया ।