महासमुंद : मोबाईल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक दल घूम-घूमकर गरीबों का कर रहे इलाज
अब तक 21 हजार 700 मरीजों का हुआ उपचार
महासमुंद : मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की मोबाईल यूनिट चिकित्सक दल नगरीय क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में पहुंचकर जरूरतमंदों का निःशुल्क इलाज कर रहे हैं। इन बस्तियों में रहने वाले गरीब लोग जो कई कारणों से अपना स्वास्थ्य परीक्षण या इलाज कराने अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण उनका बेहतर इलाज और उपचार या स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पाता। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इन गरीबों की पीड़ा को समझा और गरीबों का इलाज कराने उनकी बस्तियों में चिकित्सक पहुंचे ऐसी परिकल्पना की। महासमुंद जिले में इस योजना के तहत अब तक 20,274 लोगों का इलाज और निःशुल्क दवाईयां दी जा चुकी है। जिले की नगरीय क्षेत्रों की 22 स्लम बस्तियों में मोबाईल मेडिकल यूनिट वाहन में चिकित्सक दल घूम-घूम कर गरीबों का इलाज कर रहें हैं।
नगर पालिका अधिकारी आशीष तिवारी ने जानकारी दी कि अब तक जिले के नगरीय स्लम बस्तियों में 284 कैम्पों में 20 हजार 274 मरीज स्वास्थ्य परीक्षण कराने आएं। 21,736 मरीजों को जरूरी निःशुल्क दवाइयां दी गई। वहीं 3400 व्यक्तियों का विभिन्न बीमारियों का लैब टेस्ट किया गया। मोबाईल यूनिट लैब में 41 प्रकार के स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
महासमुंद जिले के 6 नगरीय क्षेत्रों में 22 स्लम एरिया हैं। इनमें महासमुंद और बागबाहरा में 5-5, सरायपाली में एक, पिथौरा और तुमगांव नगर में 4-4 एवं बसना में 3 स्लम एरिया हैं। इन शहरी स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोबाईल मेडिकल यूनिट की सुविधा प्रारंभ कर दूरस्थ अंचल के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बेहतर साधन उपलब्ध कराया गया है। इस मोबाईल मेडिकल यूनिटों में एमबीबीएस डॉक्टर जिले की स्लम बस्तियों में कैंप लगाकर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहें है। एमबीबीएस डॉक्टर के साथ कैम्प में मुफ्त दवा वितरण के लिए फार्मासिस्ट, मुफ्त लैब टेस्ट करने के लिए लैब मरीजों तक मुफ्त जांच, उपचार और दवा की सुविधा पहुंचाई जा रही है।
बता दें कि 01 नवंबर 2020 को मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी। वर्तमान में दो मोबाईल मेडिकल यूनिट जिले में संचालित है। जिसमें एक महासमुंद नगरीय क्षेत्र और दूसरी मोबाईल मेडिकल यूनिट सरायपाली में है। इसके जरिए लोगों का खून जांच, थायराइड, मलेरिया, टाइफाइड, ईसीजी, ब्लड प्रेशर, पल्स, ऑक्सीमीटर के साथ अन्य जांच कुशल लैब टेक्नीशियन एवं अत्याधुनिक सुविधा वाली मशीनों से की जाएगी। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का शिविर सभी वार्डों में रूट के अनुसार संचालित किया जा रहा है।
मोबाईल मेडिकल यूनिट अंतर्गत लगने वाले कैम्प और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वालों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है। मरीज मोबाईल मेडिकल यूनिट के माध्यम से इलाज करा रहे हैं। मोबाईल मेडिकल यूनिटों के जरिए अब तक 284 कैम्प लगाए गए हैं। इनमें महासमुंद में 123 और सरायपाली नगरीय क्षेत्र में 48, बागबाहरा में 39, पिथौरा में 28, बसना में 27 और तुमगॉव नगरीय क्षेत्र में 19 मोबाईल मेडिकल यूनिट कैम्प लगे हैं।
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से स्लम इलाकों में रहने वाले नागरिकों के इलाज और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मोबाईल मेडिकल यूनिट सुविधा प्रारम्भ की गई है। अब स्लम इलाकों में रहने वाले क्षेत्र के नागरिकों को इलाज और मेडिकल जांच के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ रहा। यह मोबाईल मेडिकल यूनिट स्लम इलाकों में जा रही है। ज़िले में अभी फ़िलहाल दो मोबाईल मेडिकल यूनिट है। एक महासमुंद दूसरी सरायपाली में है। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजनांतर्गत महासमुंद को शहरी क्षेत्रों में एक मोबाईल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) सुविधा नगरपालिका को मिल गई है और एक यूनिट सरायपाली में है। नगरपालिका अधिकारी आशीष तिवारी ने बताया कि स्लम बस्तियों का रूट चार्ट तैयार कर कैम्प लगाए जा रहें हैं।
धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर को दवाइयों का ऑर्डर भी दिया जा रहा है। अब जिले के शहरी क्षेत्रों की झुग्गी बस्तियों में निवासरत लोगों की नियमित जांच, उपचार, दवा का लाभ और बेहतर एवं सरल तरीके से सुविधा मिल रही है। जिससे स्लम इलाकों में रहने वाले लोग ना सिर्फ इन मोबाईल मेडिकल यूनिट पर डॉक्टरों से अपना इलाज करा सकेंगे, साथ ही यहां से दवाइयां और कई ज़रूरी टेस्ट भी मुफ्त किए जा रहे है। अब जिले में स्लम बस्तियों के मरीजों को मुफ्त जांच, उपचार और दवा की सुविधा और बेहतर तरीके से मिल रही है। आधुनिक उपकरण से सुसज्जित मोबाईल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य सेवाएं देगी। मोबाईल मेडिकल यूनिट में 41 प्रकार के विभिन्न लैब टेस्ट किए जाते हैं। कैंप लगाकर डॉक्टर, लोगों की जांच कर रहे है। औसतन एक कैम्प में लगभग 75 मरीज मोबाईल यूनिट के जरिए लाभ ले रहे हैं।