महासमुंद : प्रशासन और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सपोर्टिव सुपरविजन प्रशिक्षण संपन्न
कलेक्टर ने सामाजिक सूचकांक को और बेहतर करने दिया बल
कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य, पोषण एवं अन्य सेवाओं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधि, मितानिन एवं आंगनबाड़ी व प्रभावी व्यक्तियों के समूह, महिला समूह आदि तक पहुंच बनाने व सामंजस्य स्थापित करने के लिए सपोर्टिव सुपरविजन प्रशिक्षण कारगर साबित होगा। उन्होंने जिले में यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से संचालित 5 संकल्प कार्यक्रम के कार्यों की सराहना की। कलेक्टर ने सामाजिक सूचकांक को और बेहतर करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से पर्यवेक्षकों या किसी भी अधिकारी-कर्मचारी के लिए लाभ दायक होता है। उनकी कार्य क्षमताओं में और निखार आता है। साथ ही उनके दृष्टिकोण बदलने, कौशल एवं पर्यवेक्षण के स्तर में गुणात्मक वृद्धि होगी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एस. आलोक ने कहा कि हम आशा करते हैं कि इस सपोर्टिव सुपरविजन के माध्यम से हम लक्षित उद्देश्य को जल्द से जल्द हासिल करने की ओर अग्रसर होंगे और सभी मापदंडों का पालन करते हुए स्वास्थ्य व पोषण के व्यवहारों को समाज में स्थापित करने में सफल होंगे। वही यूनिसेफ राज्य सलाहकार चंदन कुमार ने जिला प्रशासन द्वारा सामाजिक व्यवहार परिवर्तन संचार पर किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के साथ मिलकर, यूनिसेफ इस जिले के विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। यूनिसेफ सलाहकार अभिषेक त्रिपाठी एवं मास्टर ट्रेनर गायत्री सिंह द्वारा पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के पश्चात पर्यवेक्षकों में भी सकारात्मक और व्यवहारात्मक सोच व प्रतिक्रिया नजर आई। इस मौके पर यूनिसेफ डी एम सी तेज सारथी सहित सैकड़ों प्रशिक्षु अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
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