महासमुंद : कलेक्टर क्षीरसागर गिरदावरी का निरीक्षण करने फील्ड में पहुंचे, किसान से की बातचीत पूछा कुशलक्षेम
महासमुंद : जिले में खरीफ फसल की गिरदावरी का आज अंतिम दिन था। राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार खेतों मंे जाकर सर्वे किया जा रहा था। वहीं रिपोर्ट भी तैयार की जा रही थी। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर आज रैंडमली निरीक्षण करने फील्ड में पहुँचें। उन्होंने महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम मोंगरा एवं पतेरापाली में चल रहे गिरदावरी कार्य की जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान कहा कि समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का खरीदी तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत रकबे के आधार पर किसानों को लाभ दिया जाता है। इसके लिए वास्तविक कृषक, उनके सही रकबे एवं उसमें लगाई गई फसल का सत्यापन होना अत्यंत आवश्यक है। जिले में ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां धान के अतिरिक्त अन्य फसलों का वृहद क्षेत्र में उत्पादन किया जाता है। अतः अभियान के रूप में त्रुटिरहित गिरदावरी किया जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौकें पर निर्देश किया कि धान की फसल की रकबे के साथ पड़ती भूमि के रकबा का चिन्हांकन किया जाए। उन्होंने खसरा, नक्शा और समिति के पत्रक का अवलोकन किया। इस मौकें पर नायब तहसीलदार सूरज बंछोर, संबंधित कृषि विस्तार अधिकारी, आरआई, पटवारी उपस्थित थे।
कलेक्टर क्षीरसागर ने किसान से भी खेती किसानी के संबंध में बातचीत की। उनका कुशलक्षेम पूछा। उन्होंने किसानों से कहा कि गिरदावरी का काम पूरा होने के बाद कई फायदे होंगे। गिरदावरी का काम पूरा होने के बाद फसल कटाई, फसल खराब, फसल उत्पादन की सही जानकारी मिलेगी। किसानों को फसल में हुए नुकसान, अकाल की स्थिति और आरबीसी 6-4 के तहत सही मुआवजा भी मिलेगा। किसानों के सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेंगे। इससे खाद-बीज के लिए लोन लेने के अलावा फसल बेचने में भी सुविधा होगी।