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सरायपाली : गैंग रेप का दोष सिद्ध होने पर दो युवकों को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र से सामुहिक दुष्कर्म के मामले में दो युवकों को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गयी है. एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश भीष्म प्रसाद पांडेय ने आरोप दोष सिद्ध होने पर सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम सागरपाली निवासी किशन बंजारा (19) तथा सुनील साहू (31) को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है. अर्थदंड की राशि नही पटाने पर छह माह का व्यतिक्रम पर सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी.

इसी तरह धारा 363 में तीन वर्ष व एक हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 में पांच वर्ष व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है. अर्थदंड की राशि नही पटाने पर व्यतिक्रम पर तीन-तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा. कारावास की सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. अभियोजन के अनुसार सरायपाली थाना में अभियोक्त्री के पिता ने 14 अक्टूबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी लड़की की दिमागी हालत 4-5 वर्ष से ठीक नही है. जिसका उपचार रायपुर में चल रहा है.

12 अक्टूबर 2020 को शाम सात बजे अपनी लड़की को दवाई खिलाने के लिए गोली दिया तो वह नही खांऊगी कहकर दवाई फेंक दी और बाहर चली गई. वह वापस नहीं आई तो आसपास तलाश करने पर नही मिली. गांव से बाहर सागरपाली रोड में एक होटल वाले से पूछताछ किया तो रोहिना की तरफ लड़की के जाने की जानकारी दी.

रोहिना जाकर एक दूकान वाले से पूछताछ किया तो वहां जानकारी मिली कि दो लड़के उस लड़की को जानते हैं, घर छोड़ देंगे कहकर मोटर साइकिल में बिठाकर सरायपाली की तरफ गए हैं.

13 अक्टूबर 2020 को सागरपाली के कुछ लोगों ने जानकारी दी कि सुनील साहू एवं किशन बंजारा ने लड़की को रात में मोटर साइकिल में बैठाकर सरायपाली की तरफ ले जाते देखे है. खोजबीन के दौरान मोबाइल पर फोन आया कि सिंघोड़ा के मुरमुरी के पास तुम्हारी लड़की है. इस पर 112 वाहन की मदद से वहां पहुंचे और लड़की को साथ लाकर थाना पहुंचे.

बयान में अभियोक्त्री ने जानकारी दी कि शाम का समय हो रहा था. सागरपाली कुछ लेने गई थी दोनों अभियुक्तगण वही मिले और मोटरसाइकिल में बिठाकर अपने घर ले गए. वे मना कर रही थी लेकिन वे जबरन ले गए और दवा व शराब पिलाई तथा जंगल की ओर ले गए और दुष्कृत्य किया. विवेचना उपरांत मामला कोर्ट को सौंपा गया था. अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रकाश देवकर ने पैरवी की.

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