पिथौरा - यहाँ रोजगार की तो गारंटी है पर मजदूरी के भुगतान की ... - CG Sandesh

पिथौरा - यहाँ रोजगार की तो गारंटी है पर मजदूरी के भुगतान की नहीं

पिथौरा:- पिथौरा ब्लाक में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में सलंग्न मजदूरों को मजदूरी भुगतान नही मिलने से उक्त योजना से मजदूरों का मोह भंग हो गया है, और ग्रामीण क्षेत्र में विकास कार्यो को कराए जाने की मंशा से संचालित उक्त योजना का बण्ठधार हो गया है, वही मनरेगा से जुड़कर काम करने वाले मजदूर अपनी ही मजदूरी की राशि को पाने अधिकारियों के चक्कर काट रहे है, तो वही शासन के लोक सुराज अभियान में शिकायत के बाद भी मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नही हो पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मनरेगा में कार्य किये 6 माह बीत चुके है, लेकिन मजदूरी भुगतान की राशि का अबतक अता पता नही है. यहाँ के ग्रामिणों को रोजगार सहायक सरपंच सचिवो के द्वारा भी केवल कोरा आस्वासन ही मिला, यही नही ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस सम्बंध में जनपद पंचायत में भी अर्जी लगाई थी, बावजूद इसके उन्हें मजदूरी की राशि तो नही मिली बल्कि गांव के ही रोजगार सहायक की लोगो को परेशान करने वाली कहानी मिली ।

मामला पिथौरा ब्लाक के बसना से बिलासपुर मार्ग में स्थित परदिहा सराईपाली का है, जहा रोड निर्माण और निजी डबरी गहरीकरण के तहत गाँव के अत्यंत गरीब तबके लोगो को कार्य करवाया जा रहा था. ग्रामीण महिलाओं ने बातया की 4 सप्ताह निजी डबरी गहरीकरण में रोजगार गारन्टी के तहत कार्य करवाया गया है और भुगतान नहीं किया जा राहा है.

इस गाँव में जब महिलाओं से पुछा गया की रोजगार सहायक क्या कहते है तो जवाब मिला की रोजगार सहायक द्वारा हमारे बैंक खातो में पैसा जमा करवा दिए है बोलते है, और गाँव के सभी मजदुर जब बैंक पहुचते है तो बैंक कर्मचारी खाता में पैसे नहीं होने की बात करते है. जिसके बाद महिलाए घर चली आती है बताया गया की ऐसा हर बार होता है

निजी डबरी निर्माण कार्य से हो रहा है मोह भंग
निजी डबरी गहरी करण करने वाले एक डबरी मालिक ने बताया की मेरे खेत में डबरी निर्माण कार्य अधूरा है रोजगार गारन्टी से मजदूरो को भुगतान नहीं किया जा राहा है इसलिए उन्होंने कार्य पर आना बंद कर दिया. गाँव में 5 निजी डबरी के तहत किसान को 2.50 लाख से भी ज्यादा की स्वीकृति मिली है बताया गया की 3 डबरी में एक एक लाख रु कार्य हुआ है जिसमे भुगतान नहीं हो पा रहा है

उठ गया भरोसा पैसे नहीं मिलने के डर से नहीं करवा रहे है डबरी निर्माण का कार्य
बताया गया की गाँव में 2 और लोगो को भी सरकार से निजी डबरी निर्माण का प्रसताव एवं स्वीकृति मिला है लेकिन गाव् में 3 निजी डबरी का भुगतान नहीं होने के कारण किसान डर गए है कही इन लोगो की तरह हम लोग भी बिच में न फसजाए इसलिए उन्होंने डबरी निर्माण का कार्य करवाने से इनकार कर दिया है

पलायन के लिए मजबूर है ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि सरकार रोजगार गारंटी कार्य तो करवाया जाता है, लेकिन जिस 200 दिन की बात करता है वह दावा जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता कार्य तो करवा लिया जाता है लेकिन पैसे नहीं दिया जाता. वनांचल क्षेत्रो में खेती किसानी के बाद कुछ ज्यादा काम नहीं रह जाता है जो अशिक्षित लोग है वह शहर में भी जकार कार्य नहीं कर सकते कुछ लड़के और पुरुष तो फिर भी पेट और अपनी गरीबी के हालात को देखते हुए गाँव से शहर चले भी जाते है. लेकिन लडकिया और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है. और मजबुरीवश पुरे परिवार के साथ अपने जन्म भूमि को छोड़ कर दुसरे राज्य ओड़िसा जम्मू काश्मीर बिहार पलायन करना पड़ रहा है.

जिन लोगो का रोजगार गारन्टी का भुगतान नहीं हो पा राहा है उन लोगो का खाता जनधन योजना के तहत खुला है 3 माह से लेन देन नहीं होने के कारण उनका खाता बंद कर दिया गया है आधार कार्ड मंगाया गया है. लेकिन लोग अपना आधार कार्ड नहीं दे रहे इसलिए भुगतान में लेट हो रहा है जनपद से इनके खाता में पैसा डाला जा चुका है
- गोरेलाल, रोजगार साहायक

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