बसना: 32 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर आदिवासी समाज ने किया नेशनल हाइवे में चक्का जाम।
छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति को मिलने वाली आरक्षण में कटौती के विरोध में आदिवासी समाज अब आक्रामक होती नजर आ रही है।
आरोप है कि मौजूदा भूपेश बघेल की सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष आरक्षण को लेकर कोई भी ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए और केश को कमजोर कर दिया गया. आदिवासियों को दिए जा रहे 32 प्रतिशत आरक्षण में कटौती कर अब यह 20 प्रतिशत रह गया है. जिसके विरोध में जिले के आदिवासी समाज के लोग धरना प्रदर्शन और चक्का जाम कर विरोध जाता रहे हैं।
आज मंगलवार को दोपहर करीब 1:30 बजे बसना के नेशनल हाइवे पर आदिवासी समाज द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर चक्काजाम किया । जिसमे समाज से करीब 3 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे हैं, ये सभी बसना के शहीद वीरनारायण सिंह चौक से रैली निकालते हुए बसना के बाईपास नेशनल हाइवे क्रमांक 53 तक पहुंचे और 32 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों में बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
वहीं भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर सैंकड़ों पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे, चक्काजाम से पहले ही दूर पुलिस ने गाड़ियों की रोकने की व्यवस्था की थी।
आंदोलन के दौरान राज्य की भूपेश सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारे लगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव ने बताया कि पूर्व सूचना अनुसार सर्व आदिवासी समाज द्वारा अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम किया गया है। जिसके मद्देनजर सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं। समाज की तरफ से आर्थिक नाकेबंदी की गई है। यात्री वाहनों को जाने दिया जा रहा है।