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बसना : मुख्यमंत्री आगमन के पूर्व सफाई और व्यवस्था में जुटे नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी, क्या धूल और खराब सड़क से मिलेगी नगर वासियों को राहत!

कल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बसना विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. क्षेत्रवासी भी अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा कर रहें हैं उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र के लोगों को संतुष्टि मिलेगी।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने 6 दिसंबर को अपने सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत भंवरपुर को जो सौगात दी उससे क्षेत्र के लोग संतुष्ट नजर आ रहे हैं। भंवरपुर को मिली सौगात के बाद पिरदा क्षेत्र के लोग भी मुख्यमंत्री से घोषणाओं से उम्मीदें हैं. यह घोषणा आने वाले समय मे बसना विधानसभा के लिए भी अहम है।

वहीं पिरदा के साथ बसना नगरवासी भी मुख्यमंत्री से काफी उम्मीदें लगा बैठे हैं, घोषणा के 5 साल बाद भी अब तक बसना में गौरव पथ नही बनने से नगरवासी सहित आसपास के गांव से आने वाले ग्रामीण यातायात की समस्या से झूझ रहे हैं, धूल और गड्ढे स्थानीय निवासियों को अस्पताल ले जाने को विवश कर रहे हैं।

वहीं इन समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि एक दूसरे पर आरोप लगाकर आम लोगों की भावनाओं का मजाक उड़ा रहे हैं।

बसना के दो मुख्यमार्ग पदमपुर मार्ग और नगर के भीतर से गुजरने वाले पुराना नेशनल हाइवे क्रमांक 53 अत्यंत ही जर्जर अवस्था मे है। पदमपुर मार्ग की स्थिती ऐसी है कि मुख्यमंत्री आने के एक दिन पहले तक यहाँ गड्ढे नही भरे गए हैं।

हालांकि नगर पंचायत अरसों बाद नगर की सफाई करने में तो लगा है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि यह सफाई यहां के स्थानीय नागरिक को ध्यान में रखकर नही बल्कि, मुख्यमंत्री का आगमन होना है इसलिए किया जा रहा है। अब यह समझ से परे है कि प्रशासन यहाँ आम जनता को धोखा दे रही है या मुख्यमंत्री को.... क्योंकि जो सफाई और व्यवस्था आज और कल के लिए की जा रही है उसे देखकर माननीय मुख्यमंत्री को लगे कि बसना में सब व्यवस्थित है लेकिन सच्चाई कुछ और ही है, यहां की परेशानी केवल यहाँ के स्थानीय नागरिक ही समझ पा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार कल 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री बसना में ही रात्रि विश्राम करेंगे, इसी दौरान कहीं यदि मुख्यमंत्री बसना नगर का भ्रमण कर लें तो उनके निर्देशों का पालन अधिकारियों द्वारा किस तरह किया जाता है इससे वे अवगत हो जाएंगे। और शायद इसके बाद नगरवासियों को धूल और गढ्हे भरे सड़कों से छुटकारा मिल जाये।


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