क्या निलंबन के बाद वापस बसना तहसील में ही बहाल हो जायेंगे तह... - CG Sandesh

क्या निलंबन के बाद वापस बसना तहसील में ही बहाल हो जायेंगे तहसीलदार रामप्रसाद बघेल ? आखिर कौन लगा रहा जुगाड़.....

13 दिसंबर को बसना विधानसभा के ग्राम पिरदा में आयोजित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में बसना तहसीलदार रामप्रसाद बघेल के ख़िलाफ शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल कार्यक्रम के दौरान निलंबित कर दिया था.

इस निलंबन के बाद आम जनता के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ गए संदेश से सरकार की वाहवाही होने लगी तो,  उसके अगले ही दिन एक-दो संगठनों ने बसना तहसील में वापस रामप्रसाद बघेल की पदस्थापना हेतु उसके जुगाड़ में जुट गए.

अब बसना में यह चर्चा का विषय है कि मुख्यमंत्री द्वारा निलंबन किये जाने के बाद भी सप्ताह भर के भीतर सोमवार से रामप्रसाद बघेल वापस बसना तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ हो जायेंगे. जिसके लिए बहाली आदेश भी जारी हो चूका है, हलाकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह सोमवार को ही पता चल पायेगी.  

रामप्रसाद बघेल के निलंबन के बाद बसना तहसील में तहसीलदार का पद खाली हो गया, जहाँ अब तक किसी के पदस्थापना का कोई आदेश नहीं आया है.

वहीँ इस निलंबन के बाद बसना के संगठनों द्वारा रामप्रसाद बघेल से हमदर्दी जाहिर करते हुए महासमुंद कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र भेजकर रामप्रसाद बघेल का निलंबन समाप्त कर उन्हें वापस बसना तहसील में पदस्थ करने कहा है.

इस पत्र में शौकीलाल बारीक़ द्वारा की गयी शिकायत को बिना जाँच झूठा बताते हुए बसना तहसीलदार रामप्रसाद बघेल का चरित्र चित्रण कुछ इस तरह किया गया है कि मानो बसना तहसील को कभी ऐसा तहसीलदार मिला ही ना हो.

समय के साथ कार्यालयों में अक्सर अधिकारी बदलते रहते हैं, रामप्रसाद बघेल को भी थोड़े दिन में बसना तहसील से स्थान्तरित होना ही था, लेकिन अचानक हुए इस निलंबन से कई लोगों की नींदें उड़ चुकी है. निश्चित ही रामप्रसाद बघेल से कहीं ना कहीं किसी तरह का स्वार्थ जुड़ा हुआ है, जिसके चलते इस निलंबन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. ताकि बने बनाए काम पर कहीं पानी ना फिर जाए.


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