महासमुंद : राजस्व विभाग आमजन एवं काश्तकार से सीधा जुड़ा हुआ है, राजस्व अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए - कलेक्टर
कलेक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठक
महासमुंद : कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने आज यहां कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने शासन की योजना के क्रियान्वयन और राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति और राजस्व कामकाज की विस्तार पूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। जिससे आमजन को राहत मिले। क्षेत्र में कार्य के दौरान आ रही बाधाओं के समाधान के सम्बन्ध में सुझावों पर भी विचार विमर्श किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर दुर्गेश कुमार वर्मा, ओ.पी. कोसरिया सहित समस्त एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आमजन एवं काश्तकार से सीधा जुड़ा हुआ है. राजस्व अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। मानवीय पक्ष को ध्यान में रखकर निर्णय लेने चाहिए। काश्तकारी भूमि के रास्ते के प्रकरणों में आपसी समझाइश एवं समझौते के माध्यम से वाद निस्तारण का प्रयास किया जाए। इस प्रकृति के अधिक मुकदमों वाले गांवों में जनसुनवाई करनी चाहिए। पैतृक कृषि भूमि के सह खातेदारों के मध्य भूमि विभाजन एवं लम्बित राजस्व मुकदमों में समझाईश एवं समझौते को बढ़ावा देना चाहिए।
कलेक्टर क्षीरसागर ने समीक्षा बैठक में कहा कि राजस्व अधिकारी शासन के कल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करें। ताकि इसका लाभ लक्षित वर्गों को मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशानुरूप राजस्व विभाग के योजनाओं का क्रियान्वयन कर लक्ष्य समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की योजनाओं से पात्र हितग्राही लाभान्वित हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों से 7500 वर्गफीट तक शासकीय भूमि का आबंटन, नियमितीकरण, स्लम पट्टों का नवीनीकरण, नियमितीकरण एवं नवीन स्लम पट्टों का वितरण और अविवादित नामांतरण में पेशी की तारीख, परिवर्तन की स्वीकृत के लिए प्राप्त आवेदन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, वन अधिकार पत्र, भू-अर्जन, राजस्व वसूली सहित ई-कोर्ट में निराकृत प्रकरणों की समीक्षा, भू-स्वामित्व योजना, ग्यारहवीं कृषि संगणना की तैयारी, भू-अर्जन प्रकरणों के निराकरण व मुआवजा भुगतान एवं रिकॉर्ड दुरुस्ती की स्थिति, चिटफंड कंपनियों से राशि वसूली के निवेशकों से प्राप्त आवेदन, लोक सेवा गारंटी योजनांतर्गत आवेदनों का निराकरण, जाति प्रमाण पत्र की प्रगति, राजस्व अभिलेखों में आधार सीडिंग, मोबाईल नम्बर व जेंडर प्रविष्टि की प्रगति, नए आबादी पट्टो का वितरण, आर.बी.सी. 6-4 के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा सहित आम ग्रामीणों से जुड़े राजस्व प्रकरणों की विस्तार से जानकारी ली।
नगरीय क्षेत्र में नजूल पट्टे की शासकीय भूमि का इच्छुक पात्र हितग्राहियों को गाइड लाइन अनुसार मालिकाना हक़ देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी अन्य कार्यों के साथ-साथ अपने मूल काम पर भी विशेष ध्यान दें। बैठक में उन्होंने निराकृत राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन प्रकरणों का निराकरण राजस्व विभाग द्वारा कर लिया गया है। ऐसे प्रकरणों को रिकॉर्ड रूम में जमा करें। राजस्व विभाग के लोक सेवा गारंटी योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने किसी कार्य के लिए आवेदन किए है, ऐसे आवेदनों या प्रकरणों को निर्धारित समय पर निराकृत करें।