महासमुंद : मालवाहकों से परिवहन कर रहे लोग, लगातार हो रही दुर्घटना, कहाँ है परिवहन विभाग ?
महासमुंद जिले में परिवहन विभाग किस तरह से कार्य कर रही है इसका अंदाजा आये दिन सड़कों पर पिकअप और ट्रैक्टर में यात्रियों को परिवहन करता देख लगाया जा सकता है.
पिकअप और ट्रैक्टर से लगातर दुर्घटना में मौत की खबर सामने आने के बाद ऐसी घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं. आज छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से सड़क दुर्घटना में 11 लोगों के दुखद मौत होने की खबर सामने आई है जिसमे दो मासूम भी है. ये सभी पिकअप वाहन में सवार होकर शादी के कार्यक्रम से अपने घर लौट रहे थे. जिस समय यह हादसा हो गया.
इस तरह की घटनाएँ आये दिन महासमुंद जिले में भी देखने को मिलती है. इसके बावजूद लोग पिकअप और ट्रैक्टर में परिवहन करने से बाज नहीं आते. साथ ही विभाग इन परिवहन करने वाले वाहनों पर कोई कठोर कार्यवाही करती नजर नहीं आती.
जिन वाहनों का उपयोग कृषि कार्य और माल वाहक के रूप में किया जाना चाहिए उस वाहन का उपयोग अवैध से यात्री परिवहन करने में किया जा रहा है. अक्सर शादी सहित अन्य कार्यक्रम में इन वाहनों से 40-50 सवारी भरकर परिवहन किया जाता है, सुरक्षा को ताक में रखकर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जाता है. ट्रैक्टर जैसे वाहनों में जिसके ठीक से ब्रेक तक नही लग पाते हैं उन वाहनों के मौत के साए में लोग खुशियों का कार्यक्रम मनाने जाते हैं. इसके साथ ही राजनैतिक कार्यक्रमों में पहुँचने वाली भीड़ का 60 प्रतिशत हिस्सा भी इन्ही वाहनों के अवैध परिवहन से जुटाए जाते हैं. जब राजनैतिक कार्यक्रमों में लोग ऐसे पहुँच सकते हैं तो इन्हें रोकेगा कौन ?
हलाकि अधिक संख्या में लोगों के परिवहन हेतु बस जैसे वाहनों को परमिट की सुविधा दी गयी है, लेकिन जानकारी, जागरूकता का आभाव कहें या पैसे बचाने की चाहत. इसके चलते होने वाली घटनाओं से कई परिवार बिखर रहें हैं, तो किसी की मौत से पुरे परिवार का निवाला छीन रहा है. लेकिन इन सबका जिम्मेदार कौन है और कहाँ है परिवहन विभाग ?
वैसे तो महासमुंद जिले के सरायपाली में परिवहन विभाग का चेक पोस्ट भी है जहां दूसरे राज्यों में जाने वाले माल वाहक को चेक भी किया जाता है. देश भर के कुछ ही राज्यों में ऐसे चेक पोस्ट बचे हैं जहां दूसरे राज्यों में जाने वाले वाहनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस चेक पोस्ट से बार-बार कई तरह की शिकायतें भी निकलकर सामने आती है, हाल ही के दिनों में सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी यहाँ अचानक जाँच में पहुंचे थे बताया जाता है यहाँ ढेर सारी अनियमितताएं पायी गई थी.
तो क्या परिवहन विभाग का काम केवल चेक पोस्ट पर ही डियूटी करना है ? या फिर कुछ ऐसा भी कर सकती है जिससे ऐसे होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सके लोगों को जागरूक किया जा सके. अन्यथा आये दिन ऐसे घटनाएँ देखने को मिलती रहेंगी, जिसमे जनप्रतिनिधि शोक व्यक्त करते नजर आयेंगे.