पिथौरा पुलिस की करतूत बिना अपराध के ही व्यक्ति की बेरहमी से की पिटाई
पुलिस औऱ आम जन के बीच घनिष्ठता और विश्वास को कायम रखने के लिए हमर पुलिस हमर संग कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. मगर कार्यक्रम के करने और उसको अपने सही दिशा देने में पुलिस अब भी अपनी कामयाबी हासिल नहीं कर पाई है. ऐसा इसलिए क्योंकि बीते शनिवार की रात लगभग 10 पिथौरा पुलिस की दबंगई को लेकर एक ताजा मामला सामने आया है.
मिली जानकारी के अनुसार पिथौरा के एक दुकानदार ने तय की गई सीमा से अधिक देर तक अपनी दुकान खुली रखी थी. जिसे लेकर पिथौरा पुलिस ने दुकान के मैनेजर की खुलेआम दबंगई दिखाकर पिटाई कर दी.
इस घटना के बाद शहर के अन्य नागरिक अब दहशत में है. पिटाई के बाद दुकान का मैनेजर
भी अब इतनी दहशत में आ चूका है कि वह किसी से भी इस बात की शिकायत करने के लिए
कतरा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है पुलिस की कार्यप्रणाली पर कि नगर की सुरक्षा के
लिए पुलिस को कितनी छुट मिली हुई है. एक आम नागरिक से इस तरह का बर्ताव आगे चलकर
पुलिस और आम जन के बीच भय उत्पन्न करेगा ना कि घनिष्ठता और विश्वास.
पीड़ित मैनेजर ने क्या कहा जानिए
पीड़ित मैनेजर राकेश निषाद ने कहा सिर्फ 7 मिनट दुकान बंद करने में ज्यादा हो गया था। लेकिन पुलिस होटल अंदर प्रवेश किया और मनमानी ढंग से लाठी से मारना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी के समक्ष आरक्षक शुभम पांडेय और उनके साथी ने मैनेजर को मारने के साथ अन्य कर्मचारी पूनाराम यादव को भी पुलिस ने मारा है। इसके अलावा वहां मौजूद तानसीन डोगरे, परमा यादव, जयलाल यादव मौजूद थे जिनके सामने पुलिस ने पिटाई की।
क्या कहा पिथौरा टीआई यह भी सुनिए
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जानिए खबर रोकने कैसे की गई कोशिश
होटल मालिक हरविंदर उजाला वेबमोर्चा डॉट कॉम को फोन लगाकर कर कहा कि जो भी पुलिस के साथ मामला हुआ था वह अब निपट गया है, खबर लगाने से क्या मतलब, अब हम पुलिस के विरोध में जाएंगे तो हम परेशान हो जाएंगे हम तो व्यपारी आदमी हैं पुलिस का हमें जरूरत हमेशा पड़ती है।