महासमुंद : वनोपज सहकारी समिति में प्रबंधक बनने किया कूटरचना ! अपात्र करने की मांग, भर्ती प्रक्रिया में लग रहे घोटाला करने के आरोप.
महासमुंद जिले के प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति देवतराई के लिए प्रबंधक के पद पर जारी मेरिट सूची में टॉप पर आने वाले के खिलाफ दावा आपत्ति कर अपात्र करने की मांग की गई है.
दावा आपत्ति करने वालों ने इस भर्ती प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थीयों को दरकिनार कर अपा़त्र अभ्यर्थी को नियुक्ति देने का बड़ा आरोप लगाया है.
दरअसल, कुछ महीने पहले जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, महासमुंद द्वारा जिले के 8 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में प्रबंधक के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. आरोप है कि प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति देवतराई में प्रबंधक के पद पर जिस अभ्यर्थी को नियुक्ति दी जा रही है वह नियुक्ति हेतु निर्धारीत योग्यता पूर्ण नहीं कर रही है, बावजूद इसके उसे नियुक्ति दी जा रही है.
बताया जा रहा है कि प्रबंधक के पद पर भर्ती के लिए पात्रता सूचि में ग्राम जोगीदादर निवासी विमला नायक पति भुनेश्वर नायक का नाम शामिल है, जो निर्धारित योग्यता पूर्ण नहीं करती हैं. पात्रता हेतु यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी संस्था क्षेत्र के ऐसे संग्राहक परिवार से हो, जिसने नियुक्ति के पूर्व 5 वर्षों में से कम से कम 3 वर्षों में प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 500 गड्डी तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया हो.
जबकि विमला के परिवार के जगमोती पति सेतलाल के नाम से सन 2019 में कोई भी संग्रहण गड्डी नहीं है एवं 2020 में मात्र 420 गड्डी है लेकिन पात्रता सूचि में सन 2019 में 570 गड्डी तथा सन 2020 में 520 गड्डी दर्शाया गया है, जो वास्तविक डाटा रिकॉर्ड से भिन्न है, जिसमें कहीं न कहीं इसमें कूटरचना किया गया है, साथ ही भर्ती प्रक्रिया में घोटाला होना प्रतीत हो रहा है.
ऐसा बताया जा रहा है कि सन 2019 में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य अनुमानित 1 मई से 5 मई तक किया गया था. लेकिन विमला नायक का विवाह भुनेश्वर नायक के साथ 8 मई को हुआ था. विवाह से पूर्व वह जोगीदादर की निवासी नहीं थी जबकि नियुक्ति हेतु अभ्यर्थी को उस संस्था क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है.
दावा आपत्ति करने वालों ने इसकी वास्तविक जांच की मांग की है.