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महासमुंद : कार्यशाला में तम्बाकू के खतरों और स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया गया

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

कोटपा अधिनियम की दी गई जानकारी

महासमुन्द : 31 मई को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर विभाग प्रमुख व प्रवर्तन दल अधिकारियों का एक दिवसीय अर्तंविभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला ब्लूमर्ग एक पहल द यूनियन संस्था के सहयोग से महासमुंद के स्थानीय होटल में आयोजित हुई। कार्यशाला में तम्बाकू के खतरों और स्वास्थ्य और इसके नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने की अपील की गई। कार्यशाला में प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पारितोष कुडेसिया, डीपीएम डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

संस्था के संभागीय समन्वयक विलेश रावत ने कहा कि हर साल 31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। हर साल अलग-अलग थीम निर्धारित होती है। इस साल 2023 की थीम वी नीड फूड, नोट टोबैको (हमें खाने की आवश्यकता है, तम्बाकू की नहीं) है। इस थीम के जरिए उन्होंने तम्बाकू के सेवन से होने वाले नुकसान रोकने के बारे में जानकारी दी।

साथ ही कोटपा अधिनियम 2003 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान निषेध है और धूम्रपान करते पाए जाने पर 200 रुपए तक जुर्माना हो सकता है। होटल, रेस्तरा, सिनेमा हॉल के मालिकों को 60×30 सेंटीमीटर बोर्ड पर नो स्मोकिंग बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया गया है साथ ही प्रदेश में हुक्का बार प्रतिबंध किया गया है। उल्लंघन करने पर 5-10 साल की कैद हो सकती है। इस अधिनियम में 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिकों को तम्बाकू के बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। साल 2008 में सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान निषेध कानून लाया गया। लोगों को तम्बाकू छोड़ने के उपायों के साथ पैचस्टीकर, निकोटिन गम और स्मोकलाईजर के बारे में बताया गया।

डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में 30 मई को स्वास्थ्य और औषधि प्रसाधन विभाग के संयुक्त प्रवर्तन दल के द्वारा महासमुंद एवं बागबाहरा में कोटपा एक्ट 2003 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, नाबालिकों को तम्बाकू उत्पाद की बिक्री साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरें में तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर 26 चालान काटे। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर शासकीय चिकित्सालय महाविद्यालय में एक दिवसीस निःशुल्क जांच व परामर्श शिविर का आयोजन किया गया था। जिसके अंतर्गत ऐसे मरीज जो कि तम्बाकू, गुटखा, गुड़ाकू, सिगरेट, बीड़ी इत्यादि का सेवन करते हैं उनका निःशुल्क स्वास्थ्य निरीक्षण एवं जांच तथा परामर्श दिया गया। धूम्रपान करने वाले मरीजों का मोनोऑक्साइड स्मोकलाइजर मशीन के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

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