महासमुन्द : जिला जेल में मानसिक तनाव प्रबंधन और आत्महत्या नियंत्रण पर किया गया.कार्यशाला का आयोजन
8 जून क़ो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला जेल महासमुन्द में मानसिक तनाव प्रबंधन और आत्मा हत्या नियंत्रण पर कार्य शाला का आयोजन किया गया. कार्य शाला डॉ पी कुदेशिया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रोहित कुमार वर्मा डी पी एम एन एच एम और डॉ छत्रपाल चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के निर्देशन पर कार्य शाला आयोजित किया गया. 
बंदियों को तनाव को कम करने की विधि टिप्स बताया गया जैसे सुबह समय पर उठे हल्का व्याम करे, साथ में नियमित योग व ध्यान करे , खाने पिने पर ध्यान दे, आपसी समन्वय बना के रखे, वार्ता लाप करे, एक दूसरे अनुभव का साझा करे, अनावश्यक विवाद में ना पड़े, भाईचारे से रहे, जब तक रहे अपना घर परिवार के समान रहे, सुख दुख में सहभागिता निभाए, अधिक से अधिक मनोरंजन के साधन को अपनाये, मनो सामाजिक देख़ भाल के विभिन्न पहलू को समझाया गया.
आत्महत्या जैसे संकेत को बताया गया की कोई भी व्यक्ति आसमान्य व्यवहार दिखता है. तो अपने साथी के माध्यम से संस्था प्रमुख को सूचित करे, डीप ब्रिथिंग, बलून के माध्यम से एकसर साइज कराया गया, समान्य मानसिक तनाव से अधिक बंदियों में देखा गया बारी बारी से बुला कर मनोसामाजिक परामर्श दिया गया. कार्य शाला में 125 बंदियों और स्टॉफ ने भाग लिया, जिला जेल अधीक्षक श्री यू के पटेल और समस्त स्टाफ का सहयोग रहा, मेडिकल कालेज सह जिला चिकित्सालय महासमुन्द स्पर्श क्लिनिक से रामगोपाल खूंटे मनोरोग सामाजिक कार्यकर्त्ता व टीम उपस्थित थे.