बसना : छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
सरस्वती शिशु मंदिर बसना में वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए भैया बहनों के सर्वांगीण विकास के लिए दो दिवसीय कार्यशाला वर्ग आयोजित हुई । प्रथम दिवस के उद्घाटन सत्र में छ.ग. प्रांत सदस्य दयामणि सिदार, समिति के अध्यक्ष धनेश्वर साहू, व्यवस्थापक रामचंद्र अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य रमेश कर, प्राचार्य नन्दू राम निर्मलकर एवं प्रधानाचार्य भरोस राम साव के कर कमलों से दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना के पश्चात अंशकालीन, प्रशिक्षु एवं आचार्य बंधु-भगिनियों को दो गुटों में विभक्त कर प्रार्थना सत्र में प्रार्थना अभ्यास करवाया गया । 
इस कार्यशाला में अधिगम अनुभव जनित शिक्षा सुदेष्टा साहू के माध्यम से अक्षर ज्ञान कुमारी पुष्पांजली बंजारा, नवाचार प्रशिक्षण प्रवेश प्रधान एवं प्रार्थना अभ्यास कुमारी पुष्पांजली बंजारा अभिमन्यु दास जी के द्वारा संपन्न हुआ ।
अधिगम अनुभव जनित शिक्षा में सुदेष्टा साहू ने बताया कि बच्चों को प्रयोग द्वारा वस्तु को चखकर, सुनकर, स्पर्श कर, खेल-खेल में सिखाना चाहिए । टी एल एम के माध्यम से अक्षर ज्ञान के लिए कुमारी पुष्पांजली बंजारा ने बच्चों को नृत्य संगीत के माध्यम से शिक्षा देने से बच्चे शीघ्र और आनंद पूर्वक रुचि लेकर सीखते हैं । 
नवाचार शिक्षा में प्रवेश प्रधान ने बताया कि कौशल विकास शिक्षा में बच्चों का सहयोग 80% और 20% शिक्षकों का सहयोग रहता है । वर्तमान युग टेक्नालॉजी का युग है । सभी को इसका ज्ञान होना नितांत आवश्यक है । बच्चों को पाठ्यक्रम के साथ उनकी रूचि के अनुरूप शिक्षा देना है, जिससे भविष्य में वह अपनी रूचि के अनुसार अपने कौशल विकास कर सके, अंत में प्राचार्य नंदू राम निर्मलकर ने कहा - कि जिस प्रकार बर्तन को प्रतिदिन मांज कर चमकाया जाता है, उसी प्रकार बार-बार के प्रशिक्षण से शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास होता है । प्रथम दिवसीय कार्यशाला में 45 आचार्य बंधु-भगिनियों ने लाभ लिया ।