महासमुंद : बीएससी अंतिम वर्ष के नतीजे से निराश विद्यार्थियों ने एबीवीपी के बैनर तले घेरा विश्वविद्यालय
महासमुंद। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा बीएससी अंतिम वर्ष के नतीजे कुछ दिन पूर्व जारी किया गया । विश्वविद्यालय से संबंध महासमुंद जिले के महाविद्यालयों में भी परिणाम जारी हुआ। नतीजे घोषित होने के बाद महासमुंद जिला मुख्यालय के शासकीय पीजी कॉलेज के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने घोषित नतीजों पर नाराजगी जाहिर करते हुए । सभी महासमुंद के विद्यार्थियों ने एबीवीपी के बैनर तले विश्वविद्यालय का घेराव कर बेहद आक्रामक तरीके से नारे बाजी के साथ विश्वविद्यालय परिसर का घेराव किया साथ की कुलपति जी को ज्ञापन देकर अपनी समस्या से अवगत कराया।
छात्र छात्राओं ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर देखा जाए तो महाविद्यालय में पढ़ने वाले बीएससी अंतिम वर्ष छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में एक ही सब्जेक्ट अंग्रेजी में पूरक आए हुए हैं। जो की सम्भव नहीं है। इससे बच्चे काफी चिंता में निराश और हताश महसूस कर रहे हैं, तो वहीं कई बच्चे डिप्रेशन में चले गए है। क्योंकि इन बच्चों में अधिकांश को अन्य सब्जेक्ट में काफी अच्छा नंबर प्राप्त हुआ है। कई बच्चे पूर्व में टॉपर भी रहे हैं। और कई बच्चों का मूल सब्जेक्ट अंग्रेजी विषय ही है। ऐसे में नतीजे आने के बाद करीब 80 से से 90 की संख्या में आज बच्चों ने महाविद्यालय और विधायक कार्यालय पहुंचकर इस बात से अपनी समस्याओं से अवगत भी कराया है।
अभाविप के विभाग संयोजक अनंत सोनी ने बताया बीएससी अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं ज्यादातर बच्चे इंग्लिश सब्जेक्ट में पूरक आए हैं। अधिकांश बच्चे 2, 4 और 6 नंबर के लिए पूरक आ गए है। पूरक आने वाले में टॉपर बच्चे, इंग्लिश मीडियम वाले बच्चे भी शामिल है। निराशाजनक परिणाम से कई बच्चे डिप्रेशन में है। शासकीय पीजी कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष रेगुलर में 411 छात्र छात्राएं अध्ययनरत थे। पुर्व छात्र रहें नरेश नायक ने कहा की यह स्थिति एक कॉलेज में नही है लगभग जिले के अन्य महाविद्यालय के परीक्षा परिणाम भी इसी तरह से है।
इस विषय में शासकीय पीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य ने कुछ भी कहने इनकार करते हुए कहा कि यह विषय रवि शंकर विश्वविद्यालय का है हम इसमें क्या करे। चर्चा के दौरान छात्र छात्राओं ने अपनी बात रखी सालभर कड़ी मेहनत करने के बाद आखिर एक ही सब्जेक्ट में पूरक कैसे हुए? जिले के अन्य महाविद्यालयों में इंग्लिश सब्जेक्ट का परीक्षा परिणाम भी ऐसा है अन्त में विद्यार्थियों ने कहा क्या कालेज प्रबंधन के द्वारा छात्र छात्राओं की भविष्य की चिंता करते हुए उनके हित को देखते हुए इस विषय पर कोई कदम उठाया जाएगा क्या विश्वविद्यालय इस विषय पर संज्ञान लेगा? आखिर बच्चों के तनाव और डिप्रेशन में जाने के लिए जिम्मेदार कौन लेगा यह तमाम सवाल अभी सवालिया निशान बना हुआ है।
हालांकि अभी सभी विद्यार्थियों को समय से पहले अपने पेपर की रि-चेकिंग वा पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन फॉर्म डालने को कहा गया है , जिला संयोजक जीतू साहू ने कहा की सभी छात्र छात्राओं का एक सवाल है जल्द से जल्द छात्र छात्राओं की भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई अच्छा और सकारात्मक निर्णय छात्र हित में लिया जाए। इस बीच ज्ञापन देने छात्र छात्राओं में प्रियंका, किरण, गौरव, आकाश, मानशी, पूर्वी, नवीन, अभय सिमरन आदि मौजूद रहे। सभी ने छात्र हित को ध्यान में रखकर पुनर्मूल्यांकन की मांग की है।