महासमुंद : सफलता की कहानी : अब खुद के साधन से खेती करने लगा है किसान धनीराम
अब दूसरे पर निर्भरता खत्म हो गयी है। इससे कृषक को अपने फसल से अतिरिक्त आय प्राप्त हुआ और कृषक के परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। पिछले वर्ष 2022 में योजना से प्राप्त 4 किस्त की राशि 48300 रुपए मिलने पर अपने खेती कार्य के लिए एक जोड़ी बैल खरीद लिया है।
उन्हांने बताया कि इस वर्ष खरीफ धान फसल से 105 क्विंटल का धान विक्रय किया। जिससे राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत प्रथम किस्त 12 हजार 75 रुपए की राशि मिल गया है। इस राशि से कृषि कार्य हेतु बीज एवं खाद का क्रय किया। अब मुझे साहूकार से कर्ज लेने की अवश्यकता नही पड़ती और न ही किसी दूसरे से साधन की तलाश करनी पड़ती है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मेरे आर्थिक स्तर में सुधार हुआ और जिससे मेरे खेती किसानी करने में बहूत मदद मिल रही है। इस कारगर योजना के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद भी दिया है।