सरायपाली : मणिपुर में हालात को सामान्य करने राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए - हरदीप सिंह रैना
भारत का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में हिंसा की चपेट में है. अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं मणिपुर में हिंसा का मुख्य कारण मैती ओर कुकी समुदाय के बिच मतभेद है. उच्च नायाय्लय द्वारा मैती समाज को जनजाति का दर्जा दिए जाने से हिंसा भड़क गयी है. राज्य सरकार तथा केंद्र साकार पिछले 2 माह से चल रहे हिंसा को रोकने में नाकाम रही है.
वही सोशल मिडिया में दो महिलाओं को निर्वस्त्र किया जाना भी सामने आया है. जिससे भारत की विश्व पटल पर भारी बदनामी हुई है. इस पर सरायपाली के नगर पालिका के सभापति हरदीप सिंह रैना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की मणिपुर जल रहा है. राज्य एवं केंद्र सरकार सोई हुई है हिंसा फैलने के 2 माह बाद भी आजतक प्रधानमन्त्री ने शांति की अपील तक नही की है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मणिपुर हिंसा को गंभीरता से नही लिया गया जिसका परिणाम है वहां महिलाओं को नग्न कर उनके साथ खुलेआम दुराचार किया जा रहा है.
इस घटना से हर भारतवासी शर्मसार हुआ है. ऐसा लग रहा. मानो मानवता दम तोड़ चुकी है. लगभग 35 हज़ार लोग पलायन को मजबूर हो कर पलायन कर चुके हैं. हाजों घरों ओर गाडिओं को आग के हवाले दंगाई कर चुके हैं. भाजपा शासित राज्य मणिपुर के मुख्यमंत्री हालात को काबू करने में नाकाम ओर निष्क्रिय साबित हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह भारत में होने वाले चुनाव को लेकर को लेकर इतने ज्यादा गंभीर हैं की उन्हें मणिपुर याद ही नही रहा ओर मणिपुर हिंसा की आग में जलता चला गया पर मोदी जी मणिपुर हिंसा को रोकने की अपील करने के बजाय शांत सामान्य हालत वाले राज्यों छत्तीसगढ़ ओर राजस्थान की तुलना मणिपुर से कर रहे हैं क्योंकि आगामी कुछ महीनों में इन राज्यों में चुनाव है. सभापति हरदीप सिंह रैना ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा की मणिपुर में हालात को सामान्य करने हेतु राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए ओर भारतीय सेना को हालत सामान्य करने की जवाबदारी देनी चाहिए.