सरायपाली : सील होने पर छलका कुमकुम हॉस्पिटल का दर्द, लगाए ये गंभीर आरोप
कुमकुम हॉस्पिटल के सील होने पर अब यहाँ के अन्य सदस्यों का दर्द छलक रहा है। जिसमे वे प्रशासन की कार्यशैली पर जमकर निशाना साध रहे हैं।
उनका कहना है कि जिस डॉक्टर को फर्जी बताया जा रहा है वह 5 वर्षों तक सरायपाली के भारती हॉस्पिटल में सर्जन का काम करता रहा। उस समय किसी ने
डॉक्टर
के डिग्री पर सवाल नही उठाया। यह आरोप सीधे तौर पर भारती हॉस्पिटल के प्रबंधन पर लग रहा है। जिसे केवल कथित डॉ. प्रवीण शर्मा के डिग्री के बारें में सच्चाई पता थी उसके बावजूद 5 वर्षों तक उसने प्रवीण शर्मा को
बतौर
सर्जन के रूप में रखा। सदस्यों का कहना है कि भारती हॉस्पिटल के सभी कर्मचारियों
डॉक्टरों की डिग्री सत्यापित की जाए। डॉ. शर्मा की डिग्री यदि फर्जी है तो उसे वह भुगतेगा, लेकिन कुमकुम हॉस्पिटल किसी भी शर्त पर चलेगा चाहे प्रवीण शर्मा हो या ना हो।
इसके अलावा प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कुमकुम हॉस्पिटल की ओर से पूछा गया कि जब भारती हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने के आदेश हैं तो क्यों प्रशासन उसे बचाने में तुली है। साथ ही आरोप लगाया गया कि भारती हॉस्पिटल का लाइसेंस खत्म हो चुका है भारती हॉस्पिटल फर्जी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
कुमकुम हॉस्पिटल की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि उनके पास टेंपररी लाइसेंस है जिसके आधार पर पेसेंट भर्ती किये जा सकते हैं। एक दो दिन में उनका लाइसेंस परमानेंट होने वाला था।
जरा सोचिए सरायपाली के एक बड़े हॉस्पिटल में 5 वर्षों तक सर्जन का कार्य करना वह भी बिना किसी को भनक लगे।
आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है। क्या ऐसे ही लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का अधिकार है।