महासमुंद : सफलता की कहानी : गोठान में निर्मित गोबर पेंट से ब... - CG Sandesh

महासमुंद : सफलता की कहानी : गोठान में निर्मित गोबर पेंट से बाल सम्प्रेषण गृह की पुताई

रीपा अंतर्गत बिरकोनी गोठान में महिलाओं ने किया 6200 लीटर गोबर पेंट का निर्माण

ग्रामीण महिलायें गोबर पेंट का उत्पादन कर बाज़ार में मजबूती से कदम रख रही

महासमुंद : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप महासमुंद स्थानीय गोठानों में निर्मित गोबर पेंट से सरकारी भवनों की पुताई का काम लगातार शुरू है। महासमुंद के बिरकोनी गोठान में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क रीपा अंतर्गत स्थापित गोबर से डिस्टेंपर पेंट बनाने का काम चल रहा है। जहां समूह की महिलाओं द्वारा (जुलाई माह की स्थिति में) अब तक लगभग 6200 लीटर पेंट तैयार कर लिया गया है। जिसमें से कुल छः लाख 75 हजार रुपए का पेंट विक्रय कर लिया गया है। इससे समूह को 3 लाख 15 हजार रुपए की आय हुई है। गोबर पेंट की बाज़ार क़ीमत 160 रुपये प्रति लीटर है। बाल सम्प्रेषण गृह के नवनिर्मित आहता में गोबर से बने हल्के गुलाबी रंग के पेंट से पोताई का कार्य किया गया है। इस भवन में 450 लीटर पेंट की खपत हुई है। इसकी कुल क़ीमत 72000 रुपए है। इसी तरह ज़िले के नवीन निर्मित भवनों में अब गोबर पेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

लोक निर्माण के कार्यपालन अभियंता एस.आर.चंद्राकर ने बताया कि बाल सम्प्रेषण गृह में सुधार कार्य हेतु 17 लाख 73 हजार रुपए खनिज संस्थान न्यास परिषद के अंतर्गत स्वीकृति प्राप्त हुई थी। जिसमें मुख्य रूप से बाल सम्प्रेषण की आहता की उंचाई को बढ़ाने का काम किया जाना था। जिसकी पोताई गोबर पेंट से किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने भी 1000 लीटर गोबर पेंट का ऑर्डर दिया है। ज्ञात है कि पहले सिरपुर - बांसकुड़ा में शासकीय उचित मूल्य और आँगनबाडी केंद्र में पुताई गोबर पेंट से की जा चुकी है।

जिले में संचालित बिरकोनी गोठानों में रीपा में तथा पेंट कार्य से जुड़ी चितरेखा, रामकली यादव, खिलेश्वरी साहू ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित करने के कारण गोबर पेंट बनाने का कार्य जारी है। विभिन्न विभागों से लगातार ऑर्डर भी प्राप्त हो रहा है। गोबर पेंट वास्तव में आजीविका का एक नए साधन के रूप में हमें रोजगार प्रदान कर रहा है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है अपितु यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी फायदेमंद है। गोबर पेंट से ही हम प्रत्येक सदस्यों को 39 हजार 375 रुपए की आय हुई है। महिलाओं ने बताया कि गोबर पेंट की क़ीमत बाजार में उपलब्ध रासायनिक पेंट से कम है, साथ ही गोबर से निर्मित होने के कारण रासायनिक पेंट की तुलना में इसमें महक भी नहीं आती है। गांवो के गोठान में संचालित रीपा में महिला समूहों द्वारा तैयार किया गया गोबर पेंट अब बाजार में मिलने वाले पेंट के मुकाबले इको फ्रेंड्ली है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


अन्य सम्बंधित खबरें