सरायपाली : क्या किस्मत लाल नंद को मिलेगा दुबारा मौका ? या पार्टी तलाश रही कोई नया चेहरा ?
छत्तीसगढ़ में आगामी कुछ महीनो में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर पार्टी और कार्यकर्ता तैयारी कर रहे हैं. इस विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूचि जारी कर दी है. जारी सूचि में 21 प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं सरायपाली विधानसभा से सरला कोशरिया को बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बनाया है. हलाकि कांग्रेस की तरफ से अभी तक प्रत्याशियों को लेकर किसी भी तरह की कोई सूचि नहीं जारी की गई है. लेकिन इस विधानसभा से करीब 46 लोगों ने प्रत्याशी बनने आवेदन दिया है.
माना जा रहा है कि इस बार सरायपाली से वर्त्तमान विधायक किस्मत लाल aनंद की टिकट काटकर पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देगी, ऐसा इसलिए क्योकि कोई सरायपाली से कोई भी प्रत्याशी आज तक लगातार दो बार जीत हासिल करने में कामयाब नहीं रहा है.
वहीं बीजेपी ने गायत्री परिवार और अध्यात्मिक से जुड़े सरला कोशरिया को टिकट देकर किस्मत लाल नंद की मुश्किलें और भी बढ़ा दी है, अपने कार्यकाल के दौरान ब्राम्हण सामज के द्वारा किया गया विरोध और राष्ट्रीय स्वयं सेवक को दी गई गालियाँ आज भी क्षेत्र के लोगों को बखूबी याद है. यह कहीं ना कहीं किस्मत लाल नंद को भारी नुक्सान और सरला कोशरिया को फायदा पहुंचाएगा. इसके अलावा सरायपाली कांग्रेस पार्टी में भी टिकट और दावेदारी को लेकर गुटबाजी चल रही है, वर्त्तमान विधायक के रवैये से कांग्रेस के कई वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ता नाराज है, आरोप है कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए कई ऐसे पद उन लोगों को बाँट दिए गए, जिनके वो हकदार नहीं थे, और पद में आने के बाद इसका दुरुपयोग करने लगे.
बहरहाल टिकट को लेकर वर्त्तमान विधायक किस्मत लाल नंद ने भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है, अब देखने वाली बात यह है कि क्या कांग्रेस दुबारा रिपीट प्रत्याशी उतारने की हिम्मत सरायपाली विधानसभा में जुटा पायेगी. जबकि सरायपाली नगर में विकास कम ही देखने को मिलता है, ना तो यह जिला बन पाया, ना ही यहाँ उचित स्वास्थ्य व्यवस्था लोगों को मिल पा रही है, ना ही रेलमार्ग को लेकर कोई पहल की गई.