महासमुन्द : जिला जेल में 280 बंदियों के साथ विश्व आत्महत्या रोक थाम दिवस पर कार्यशाला का किया गया आयोजन
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जेल महासमुन्द में विश्व आत्माहत्या रोक थाम पर कार्यशाला डॉ पी कुदेशिया सी एम एचओ, नीलू घृतलहरे डी पी एम और डॉ सी पी चंद्राकर नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वय से जिला जेल महासमुंद में जन जागरूकता मानसिक स्वास्थ्य को परिभाषित कर समझाया. अधिकतर लोग शारीरिक स्वास्थ्य पर बाते करते है वह दिखता है परन्तु मानसिक स्वास्थ्य अन विजुअल होता है. लोगो के व्यवहार से पता चलता, बंदियों को मानसिक तनाव को आने कारण अधिक तनाव से बचने के लिए सरल उपाय खेल के माध्यम से बताया गया.
कम्युनिकेशन स्किल डेवलपमेन्ट, के माध्यम से योग साधना, नियमित व्ययाम, संगीत, खान खानपान, व मौशमी बीमारी के देख़ भाल के बारे जागरूक किया गया. ऐसे समस्या आने से टोल फ्री नंबर 104 में फोन करके स्वास्थ्य लाभ ले सकते है. जिला जेल अधिक्षक उमेश पटेल का सहयोग प्रदान रहा कार्यशाला में 280 से अधिक बंदियों ने भाग लिया. साथ ही नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत 280 बंदियों का बी एवं सी का जांच किया गया. मेडिकल कालेज सह जिला चिकित्सालय भागवत चंद्राकर लेबटेक्निष्यन, सूनील साहू काउंसलर ब्लड बैंक, विजय भान डाटा मैनेजर आई डी एस पी, परमानंद निषाद अप्रेटर उपस्थित हुये.