बसना : बिहान से जुड़कर नमिता की सालाना आमदनी बढ़ी, किचन गार्डन से बनाई नई पहचान
उन्होंने बताया कि शुरूआत में समूह से ऋण लेकर जैविक विधि से सब्जी उत्पादन एवं किचन गार्डन का कार्य प्रारंभ किया जिसमें सेमी और लौकी उगाई जिसका उत्पादन काफी अच्छा हुआ। कुछ माह बाद समूह से आरएफ व सीआईएफ राशि एवं बैंक लिंकेज राशि कि सहायता से 1 एकड़ में सेमी, बरबट्टी, लौकी एवं कद्दू की जैविक खेती कर रही है। जिससे प्रत्येक सप्ताह 5 विंवटल उत्पादन हो रही है। जिसे स्थानीय सब्जी मण्डी में बेच कर सालाना लगभग एक लाख पच्चीस हजार रूपए की आमदनी हो जाती है।
श्रीमती साहू बताती है कि वे समूह में जुड़ने से पहले गृहिणी थी। घर परिवार चलाने हेतु पैसे की बहुत समस्या रहती थी। आज इस कार्य से घर में खाने के लिये सब्जी के साथ सब्जी बेच कर अच्छी खासी आमदनी मिल जाती है। मेरे जीवन में इस कार्य से काफी बदलाव हुआ और मैं बहुत खुश व संतुष्ट हूँ। इस योजना की जानकारी, मार्गदर्शन यंग प्रोफेशनल श्री रंगेश कुमार साहू व सहा.वि.वि.अधिकारी एवं “बिहान“ टीम के द्वारा प्राप्त हुआ। आज आजीविका के रूप में जैविक विधि से सब्जी उत्पादन एवं किचन गार्डन किया जाकर बेहद खुश है। जैविक विधि से सब्जी उत्पादन एवं किचन गार्डन हेतु ग्राम के सभी समूह के महिलाओं को प्रेरित किया जा रहा है। साहू एवं समूह की महिलाओं ने शासन की इस महत्वपूर्ण “बिहान“ योजना अंतर्गत संचालित संवहनीय कृषि एवं महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना योजना के लिए शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।