महासमुंद : स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय में मनाई गई स्वामी आत्मानंद जयंती
ऐसे ही महापुरुषों के कारण ही भारत विश्व गुरु है : डॉ. अनुसुईया अग्रवाल
06 अक्टूबर को स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय के सभा कक्ष में प्राचार्य महोदया प्रो. (डॉ.) अनुसुइया अग्रवाल (डी. लिट.) के मार्गदर्शन में स्वामी आत्मानंद जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य द्वारा स्वामी आत्मानंद जी के छायाचित्र में दीप प्रज्वलन कर किया .अपने उद्बोधन में प्राचार्य महोदया ने सभी विद्यार्थियों व कर्मचारियों को स्वामी आत्मानंद जी की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि स्वामी आत्मानंद जी जैसे महान संतों की बदौलत ही भारत आज विश्व गुरु है. उन्होंने एक छोटे बालक तुलेंद्र से स्वामी आत्मानंद बनाने की उनकी जीवन यात्रा का वर्णन करते हुए बताया कि संघ लोक सेवा आयोग की आई.ए.एस. परीक्षा की प्रावीन्य सूची में उच्च स्थान प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने शासकीय सेवा की जगह अपना पूरा जीवन मानव सेवा हेतु न्योछावर कर दिया. उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद में गांधी जी का धर्म एवं स्वामी विवेकानंद का आनंद समाहित था. उन्होंने बताया कि बचपन में वर्धा (नागपुर) में गांधी जी के संपर्क सानिध्य तथा नारायणपुर छत्तीसगढ़ में रामकृष्ण मिशन आश्रम तक की जीवन यात्रा में ज्ञान और सेवा समाहित होते गए. विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए. इन्हीं महान विभूति के नाम से छत्तीसगढ़ शासन में उत्कृष्ट हिंदी माध्यम तथा आदर्श अंग्रेजी माध्यम के गई विद्यालय तथा महाविद्यालय संचालित कर रहे हैं.
प्रतिमा चंद्राकर बताया ने अपने उद्बोधन में सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय की कविता के माध्यम से अहिंसा तथा मानव प्रेम का संदेश प्रसारित किया. उन्होंने बताया कि जिस छोटे बच्चे को हम महात्मा गांधी की लाठी को सामने से पकड़े हुए देखते हैं वह तुलेंद्र वर्मा ही था जो और कोई नहीं बल्कि आगे चलकर स्वामी आत्मानंद कहलाए.
तत्पश्चात बी.एससी. प्रथम वर्ष की छात्रा मोनीषा साहू ने स्वामी आत्मानंद जी की जीवन कथा को एक कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया. तत्पश्चात प्रियांशी साहू (बी.एससी प्रथम वर्ष ), अक्षांश त्रिवेदी (बी.कॉम.प्रथम वर्ष) तथा वेदिका साहू (बी.एससी. प्रथम वर्ष) ने अपने भाषण में स्वामी आत्मानंद जी के जीवन पर प्रकाश डाला.
कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान के व्याख्याता हरि शंकर नाथ ने की। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक- वाणिज्य तरुण कुमार बांधे ने किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की हिंदी की सहायक प्राध्यापक प्रतिमा चंद्राकर, संतोष कुमार बंजारे (सहायक प्राध्यापक- समाजशास्त्र), रवि देवांगन (सहायक प्राध्यापक -अर्थशास्त्र) तरुण कुमार बांधे ( सहायक प्राध्यापक- वाणिज्य), मुकेश कुमार सिन्हा (व्याख्याता कंप्यूटर एप्लीकेशन), हरिशंकर नाथ (व्याख्याता -राजनीति शास्त्र), निलेश कुमार तिवारी (व्याख्याता- गणित), सुश्री शिखा साहू ( व्याख्याता - भौतिक शास्त्र), माधुरी दीवान (व्याख्याता -वाणिज्य) चित्रेश बरेठ ( व्याख्याता- रसायन विज्ञान), केमिका चंद्राकर (व्याख्याता - कंप्यूटर विज्ञान ) आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु महाविद्यालय के कर्मचारी कौशल साहू ने सक्रिय भूमिका निभाई ।