सरायपाली : राजनैतिक वर्चस्व बनाये रखने किस्मत लाल नंद ने पार्टी से की बग़ावत ! भाजपा या कांग्रेस किसे मिलेगा फायदा..
सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद ने अपने राजनैतिक वर्चस्व बनाये रखने पार्टी से दग़ाबाज़ी कर JCC पार्टी से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। हालांकि इसे समाज की अनदेखी करना बताया जा रहा है, जबकि उसी समाज से एक महिला को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
इसके पहले इसी पार्टी से हरिदास भारद्वाज ने बसना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में JCC पार्टी से अपने प्रत्याशी बनाये जाने की बात कही थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी के सीटिंग विधायक को टिकट नही मिलने से उन्होंने नाराज होकर पहले पार्टी के फैसले को गलत बताते हुए इसका विरोध किया, इसके बाद पार्टी से बगावत कर JCC में शामिल हो गए ।
JCC पार्टी में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें अधिकृत रूप से प्रत्याशी बनाया है, लेकिन इन सबके बीच हरिदास भारद्वाज फिर एक बार चुनाव लड़ने से रह गए।जबकि हरिदास भारद्वाज सरायपाली से पूर्व विधायक रह चुके हैं।
वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि अब राशि त्रिभुवन महिलांग जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से चुनाव नही लड़ेंगी, JCC पार्टी से प्रत्याशी बनाये जाने के बाद उसके अगले ही दिन उन्होंने चुनाव नही लड़ने का फैसला ले लिया है, जैसा कि हमे सूत्रों से जानकारी मिली है।
वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए लगता है कि अपना निजी स्वार्थ सिद्ध करने या फिर कोई बात मनवाने विधायक प्रत्याशी पद के दावेदार JCC पार्टी में शामिल हो रहे हैं। जबकि JCC पार्टी भी प्रत्याशी बनाये जाने का आश्वासन दिए नेताओं को बड़े चेहरे देखकर दरकिनार कर रही है।
ऐसे में सवाल है कि क्या किस्मत लाल नंद JCC पार्टी से अपनी जीत सुनिश्चित कर राजनैतिक वर्चस्व बचा पाएंगे। क्योकि इस बार JCC पार्टी ने भी अपना घोषणा पत्र लुभावना एवं दमदार बनाया है, हालांकि लोग इसपर कितना भरोसा करते हैं यह समय बताएगा ।
किस्मत लाल नंद के JCC से प्रत्याशी बनाये जाने के पूर्व लोग सीधा मुकाबला चातुरी नंद और सरला कोसरिया के बीच देख रहे थे। लेकिन किस्मत लाल नंद के बगावत करने से जातिगत वोट पर कुछ असर जरूर पड़ सकता है जो कि कहीं ना कहीं भाजपा या कांग्रेस में से किसी एक को नुकसान पहुंचाएगा और किसी एक को फायदा...।