बसना विधानसभा : नोटा और अरविन्द प्रधान बिगाड़ेंगे भाजपा का समीकरण !
छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर बसना विधानसभा में मतदान के दुसरे चरण, 17 नवम्बर को मतदान किये जायेंगे. बसना विधानसभा में सीधी टक्कर बीजेपी से प्रत्याशी डॉ. संपत अग्रवाल तथा कांग्रेस के प्रत्याशी देवेन्द्र बहादुर सिंह के बीच होगी. कुछ समय पूर्व मीडिया में बसना विधानसभा से त्रिकोणीय मुकाबला की बात कही जा रही थी, जो केवल हवा हवाई बातें ही होती नजर आ रही है. विधानसभा क्षेत्र में माहौल केवल बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. भले ही कांग्रेस का प्रचार मीडिया में कम देखने को मिल रहा हो लेकिन माहौल बताता है कि टक्कर तो कांटे की है. पूर्ण रूप से अपनी जीत को लेकर तो दोनों प्रत्याशी भी आशस्वत नजर नहीं आ रहे हैं. इसी के चलते प्रत्याशी प्रचार प्रसार में पूरा दम-ख़म लगाते नजर आ रहे हैं.
वहीँ अगर बात करें निर्दलीय प्रत्याशीयों की तो इनमे अरविन्द प्रधान बहोत ही कम समय में लोगों के बीच अपनी छाप छोड़ने में कायम हुए हैं. अरविन्द प्रधान प्रचार के दौरान लोगों को प्रभावित करते नजर आयें हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी द्वारा कोलता समाज का टिकट काटने की वजह नाराज लोग अरविन्द प्रधान को समर्थन कर सकते हैं, और कोलता समाज को अपना मजबूत वोट बैंक मानने वाली भाजपा का समीकरण बिगड़ सकता है.
इसके अलावा राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र साव अपने समर्थकों से नोटा में बटन दबाने की अपील करेंगे, गत विधानसभा चुनाव में इन्होने निर्दलीय प्रत्याशी संपत अग्रवाल को समर्थन किया था. लेकिन इस बार ये डॉ. संपत के साथ जाते दिखाई नही दे रहे हैं. महेंद्र साव का कहना है कि बसना विधानसभा से खड़े उम्मीदवारों में उन्हें एक भी उम्मीदवार पसंद नहीं आया है, इसलिए वे बसना विधानसभा में अपने समर्थकों से नोटा में बटन दबाने की अपील करेंगे. हलाकि क्षेत्र में लागातार जन संपर्क कर रहे डॉ संपत अग्रवाल और बीजेपी को ये नुकसान पहुंचा पाएंगे या नहीं यह समय बताएगा.