बसना : दो साल का बकाया बोनस खाते में नहीं पहुंचा तो करें ये काम
राशि नहीं मिलने वाले किसानों की सूची समिति के सूचना पटल में किया जाएगा चश्पा तथा किसानों को सुधार हेतु करेंगे सूचित
बसना : 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के 11 लाख 76 हजार 815 किसानों को 3 हजार 7 सौ 16 करोड़ रुपए के बकाया बोनस राशि का वितरण किया. यह धान उपार्जन वर्ष 2014-15 व 2015-16 में किसानों के द्वारा समर्थन मूल्य पर बेचे गये दो वर्षों के धान का बोनस राशि है. जो लंबित व बकाया था.
इन किसानों के खाते में नहीं पहुंची राशि
वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 के बकाया बोनस की राशि उन किसानों के खाते में नहीं पहुँच पायी है जिनके खाते में त्रुटी है, खाता बंद है अथवा धान बेचने वाले कृषक की मृत्यु हो चुकी है.
ऐसे कृषकों के खाते में सुधार हेतु एवं किसान की मृत्यु की दशा में उसके वैध उत्तराधिकारी को राशि भुगतान हेतु एस.ओ.पी. जारी की गयी है. जिसमें बताया गया है की प्राप्त आवेदन पत्रों में धान उपार्जन वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की धान खरीदी को समिति स्तर के पोर्टल से सत्यापित किया जावे.
गौरतलब है कि, शासन के दिशा निर्देश के तहत बसना तहसीलदार नमिता मारकोले ने विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि, आवेदनकर्ता से प्राप्त दस्तावेज आधार कार्ड एवं बैंक खाता क्रमांक सत्यापन करते हुए सभी दस्तावेज सीधे बसना तहसील अंतर्गत तहसीलदार को प्रेषित किये जावें. किसानों की मृत्यु वाले प्रकरणों में भी वैध वारिस से आवेदन पत्र के साथ संबंधित के बैंक खाते की साफ सुथरी छायाप्रति, मोबाइल नंबर सभी दस्तावेजों के साथ समिति स्तर पर प्राप्त किये जावे. ऐसे प्रकरणों में वांछित परीक्षण एवं सत्यापन उपरांत तहसील बसना द्वारा तहसील लॉग इन से आवश्यक सुधार किया जाएगा.
ऑनलाइन सुधार होने के बाद संबंधित खातेदार की खाता एन.आई.सी. के द्वारा पी.एफ.एम.एस. से सत्यापित कराने के पश्चात भुगतान की फाइल संबंधित सहकारी बैंक को प्रेषित की जायेगी. बैंक को भुगतान फाइल प्राप्त होने पर बैंक द्वारा भुगतान किया जायेगा.
विज्ञप्ति में किसानों का खाता सुधार कराने एवं तहसीलदार को आवेदन प्रस्तुत करने में कोई कठिनाई न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखने की बात भी कही गई है. आवेदन पत्रों को तीन दिन के अंदर तहसीलदार बसना को अनिवार्यतः प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है.
इसके साथ ही ऐसे किसान जिन्हें बोनस राशि का भुगतान नहीं किया गया है, उसकी सूची समिति लॉग-इन में एन.आई.सी. के द्वारा दी गई है. इस सूची को समिति के सूचना पटल मे चश्पा किया जाएगा तथा किसानों को सुधार हेतु सूचित किया जाएगा.