इस साउथ इंडियन मूवी को ओटीटी से हटाया गया, भगवान राम को बता... - CG Sandesh

इस साउथ इंडियन मूवी को ओटीटी से हटाया गया, भगवान राम को बता दिया था मांसाहारी

नई दिल्ली। भगवान राम को मांसाहारी दिखाने वाली साउथ इंडियन मूवी ‘अन्‍नपूर्णी’ को नेटफ्लिक्स से हटा दिया गया है। साउथ सिनेमा की लेडी स्टार नयनतारा की फिल्म‘अन्‍नपूर्णी’ का कई लोगों ने विरोध किया था। यहां तक कि मामले में फिल्म निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो गई थी। इस फिल्म को हाल ही में Netflix पर रिलीज किया गया था। लेकिन अब हिंदुओं की आस्था का ध्यान रखते हुए इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

इस बात की जानकारी साउथ फिल्मों के जानकार क्रिस्टोफर कनगराज ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट कर दी है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, ‘एक हफ्ते पहले नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई लेडी सुपरस्टार फिल्म को अब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

इसके अलावा VHP के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने हाल ही में अपने अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हमें इस बात की खुशी है @ZeeStudios_ को अपनी गलती का एहसास हुआ है और कृपया ध्यान दें कि हमने कभी भी किसी फिल्म की रचनात्मक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन हिंदुओं की आलोचना और मजाक कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’


फिल्म निर्माताओं के खिलाफ दर्ज हो गई थी एफआईआर

बता दें कि हाल ही में हिन्‍दू धर्म की भावनाओं को ठेस का आरोप लगाते हुए पूर्व शिवसेना नेता रमेश सोलंकी ने फ‍िल्‍म निर्माताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने X पर लिखा, ‘मैंने एंटी हिन्‍दू और एंटी हिन्‍दू नेटफ्लिक्‍स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि फिल्म मेकर्स ने भगवान राम का अपमान किया है। उन्होंने फिल्म को हिंदू विरोधी बताया और इसके कुछ विवादास्पद दृश्यों की ओर इशारा किया, जिनमें से एक में भगवान राम को ‘मांस खाने वाला’ बताया गया है।

इसके अलावा हिंदू सेवा परिषद ने भी जबलपुर के थाना ओमती में 8 जनवरी को फिल्म 'अन्नपूर्णी' को हिंदू विरोधी बताते हुए निर्माता-निर्देशक के साथ पूरी स्टार कास्ट के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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