सरायपाली : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुष्ठ निवारण दिवस मनाया गया
स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एच एल जांगड़े, खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी आर धृतलहरे व विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक शीतल सिंह के संयुक्त तत्वाधान में 30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के तैल चित्र में पुष्प अर्पित कर व दो मिनट का मौन धारण करके मनाया गया विदित हो कि 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे के द्वारा महात्मा गांधी का हत्या किया गया था इसलिए इस दिन को शहीद दिवस तथा महात्मा गांधी के द्वारा बिना छुआछूत के कुष्ठ रोगियों की सेवा एवं कुष्ठ रोग के संबंध में उनके योगदान को याद रखने के लिए कुष्ठ निवारण दिवस मनाया जाता है ।
इस विषय पर प्रकाश डालते हुए डॉक्टर एच एल जांगड़े के द्वारा बताया गया कि सन 1873 में नार्वे के वैज्ञानिक जी एच आर्मर हेंसन ने कुष्ठ रोग का खोज किया एवं बताया कि यह रोग माइकोबैक्टेरियम लैप्री नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है एवं वर्तमान में एमडीटी चिकित्सा के द्वारा कुष्ठ रोग पूर्णतः ठीक हो जाता है यदि किसी के शरीर में लाल चकता तामिया सुन्नपन वाला दाग हो तो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवा कर निशुल्क दवाई प्राप्त करें बीमारी को छिपाना नहीं चाहिए कुष्ठ बीमारी छुपाने से व सही समय पर इलाज नहीं कराने पर हाथ पैर में विकृति आ जाता है ।
इसी कड़ी में टी आर धृतलहरे ने बताया कि कुष्ठ रोग की बीमारी देवी प्रकोप, वंशानुगत, पूर्व जन्म का पाप, अनैतिक आचरण, बुरे कर्म से नहीं होता है यह संक्रामक और लाइलाज बीमारी भी नहीं है इसका समुचित इलाज सभी स्वास्थ्य केंद्र मे उपलब्ध है परंतु वर्तमान स्थिति में भी प्रायः यह देखा जाता है कि कुष्ठ रोगी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थलों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखा जाता है इस अवधारणा को समाप्त करने की आवश्यकता है संयुक्त राष्ट्र की तरफ से 2030 तक एवं भारत सरकार की तरफ से 2027 तक कुष्ठ बीमारी का उन्मूलन किया जाना है आम जनता के सार्थक सहयोग का ही परिणाम है कि पोलियो जैसी बीमारी 2014 से भारत से विदा हो चुका है आगे शीतल सिंह मैडम के द्वारा बताया गया कि यदि आपके आसपास ऐसे व्यक्ति मिलते हैं जिनके शरीर में किसी भी प्रकार के दाग धब्बे हैं तो उन्हें नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में भेजना सुनिश्चित करें । शासन के द्वारा इस वर्ष 2024 का थीम "कुष्ठ रोग को हराओ" घोषित किया गया है जिसका हमें पालन करना है पूरे छत्तीसगढ़ में कुष्ठ रोगी के हिसाब से महासमुंद जिला का तीसरा स्थान है। आइए हम संकल्प ले कि कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के लिए समानता और सम्मानजनक व्यवहार करेंगे एवं इस बीमारी के बारे में गलत अवधारणाओं को दूर करके कुष्ठ रोग के बारे में लोगों को शिक्षित करेंगे।
इस कार्यक्रम में डॉक्टर कुणाल नायक ,महेश श्रीवास एम डी वैष्णव , डोलचंद पटेल , रूपचंद साहू एवं सीएचसी सरायपाली के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।