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भाजपा सरकार स्वामी आत्मानंद स्कूल को बंद करना चाहती है : कांग्रेस

 5 महीने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला ताकि स्कूल छोड़ दें : सुशील

रायपुर। भाजपा सरकार स्वामी आत्मानंद स्कूल बंद करना चाह रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्कूलों को बंद करने की साजिश के तहत आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों को जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से वेतन नहीं दिया जा रहा ताकि संविदा के आधार नियुक्त शिक्षक धनाभाव में स्कूल छोड़ दें और स्कूलों को बंद करने का बहाना खोजा जा सके।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना गरीबों और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिये संजीवनी है। इस स्कूल में बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई कराया जाता है। निजी स्कूलों में एक बच्चे का अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई में औसतन प्रति माह 8 हजार से 9 हजार रू. का खर्च आता है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिये यह खर्च उनकी क्षमता से अधिक हो जाता है। स्वामी आत्मानंद स्कूल में गरीब आदमी अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दिला पा रहा है और अवसर का फायदा बच्चे भी उठा रहे है, तथा वे सफलता के नये परचम लहराया है। इसको बंद करना जनता के साथ अन्याय है।


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार स्वामी आत्मानंद स्कूलों को दलीय दुर्भावना से देख रही है। पहले स्कूल शिक्षा मंत्री ने घोषणा किया था इन स्कूलों की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन किया जायेगा। इसके बाद खबर आया कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों के नाम बदलकर पीएमश्री नाम दिया जायेगा। यही नहीं भाजपा सरकार बनने के बाद पिछले चार माह से भाजपा सरकार आत्मानंद स्कूलों के शिक्षकों को वेतन नहीं दे रही है। ताकि शिक्षक स्कूलों को छोड़कर चले जाये और विद्यालयों को बंद करने का बहाना मिल जाये।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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