बसना नगर की डबरी मेढ़ से अतिक्रमणकारियों को 2 दिवस में मलबा हटाने की नोटिश जारी
बसना नगर के पदमपुर सड़क किनारे राम जानकी मंदिर के पास शासकीय मद की घास भूमि तालाब मेढ़ से हटाये गये अवैध अतिक्रमण से दुकान और मकानों का मलबा 02 दिनों में नही हटाने पर प्रशासन द्वारा मलबा हटाने की कार्यवाही की जावेगी। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही कब्जाधारियों की होगी और उक्त प्रक्रिया में होने वाले व्यय की भी वसूली की जावेगी। नगर पंचायत बसना के सीएमओ सूरज सिदार ने बताया कि बसना नगर के पदमपुर रोड़ स्थित वार्ड क्रमांक 12 शासकीय मद की घास भूमि की जमीन खसरा नम्बर 125/2 राम जानकी मंदिर से लगे डबरी मेढ़ दुकान और मकान बनाकर अवैध कब्जा करने वालो पर एनजीटी के गाईडलाईन अनुसार 23 और 24 मई 2024 को कब्जा हटाये जाने की कार्यवाही किया गया है। किन्तु वर्तमान में उक्त तालाब पार शासकीय घांस भूमि पर हटाये गये अवैध अतिक्रमण का मलबा अतिक्रमण स्थल पर रखा हुआ है। जिस पर नगरीय प्रशासन बसना द्वारा 29 मई 2024 को आदेश जारी कर सभी अतिक्रमणकर्ताओ नोटिस जारी कर आदेशित किया गया है कि 02 दिवस के भीतर मलबा हटाया जाना सुनिश्चित करें। मलबा नही हटाने की स्थिति में नगर पंचायत कार्यालय द्वारा मलबा हटाने की कार्यवाही की जावेगी जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी अतिक्रमणकर्ताओ होगी। तथा उक्त प्रकिया पर होने वाले व्यय की वसूली भी उनसे की जावेगी।
मलबा हटाने इन्हें जारी किया गया है नोटिस
संतराम भारद्वाज पिता मयाराम भारद्वाज, शिवशंकर डड़सेना पिता जैतराम, गजेन्द्र साहू पिता चमरूलाल साहू, अनिल कुमार सोनी पिता पुनाराम सोनी, चरणजीत सिंह छाबड़ा पिता गुरुदयाल, लखन लाल पिता सुरीत राम डड़सेना, टिकाराम दास पिता सुमीत दास, मो. दाउद पिता, मो. हाकिम, सोहन बंजारा पिता रूपसिंह बंजारा, जोहन बंजारा पिता रूपसिंह बंजारा, मानसी पटेल पति स्व फगनु पटेल, फकीर कुमार देवता पिता गुण सागर देवता, साजीद खान पिता गुलशेर खान, रफीक खत्री पिता अब्दुल सत्तार, शेख अय्याज पिता शेख अफजल, मनप्रीत सिंह पिता भूपेन्द्र सिंह, यशवंत साव पिता दासरथी साव, राकेश डड़सेना पिता हेमलाल डडसेना, टिकेश्वर साहू पिता अक्षय कुमार साहू, सरोज यादव पिता खगेश्वर, देवराज पिता बुढ़वा, यशीनी पति डिगेश्वर, भुवनेश्वर पिता गिरधारी, फगेश्वरी पति जगेश्वर, केदारनाथ अग्रवाल पिता बनवारी लाल, खालीद दानी पिता फारूख दानी, गुरजीत सिंह पिता पुरन सिंह, अमरू बंजारा पिता मनवा बंजारा, सलीम खान और मदनी द्वारा शासकीय तालाब के मेढ़ पर कब्जाकर अवैध मकान और दुकान बनाया गया था।