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सरायपाली : बलरामपुर में हुई घटना से आक्रोश में हिंदू संगठन, पुलिस जाँच पर सवाल उठाकर की सीबीआई जाँच की मांग, जंगल में युवती के साथ मिली थी बजरंग दल के सह संयोजक की लाश.

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में हुई एक घटना का आक्रोश पुरे हिंदू संगठनों में तेजी से देखने को मिल रहा है, छत्तीसगढ़ के कई तहसील में इस घटना के संबंध में हिन्दू संगठन मामले की सीबीआई जाँच कराने हेतु मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं. विश्व हिन्दू परिषद संगठन सरायपाली ने भी इसी सन्दर्भ में 3 जून 2024 को मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा.

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में 27 मई को बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुजीत स्वर्णकार और किरण काशी के शव मिले थे. यह शव बलरामपुर से पांच किलोमीटर दूर ग्राम डूमरखी के जंगल में मिले थे, दोनों के शरीर में गंभीर चोट के निशान थे. शवों को जलाने का भी प्रयास किया गया था. इस घटना से बलरामपुर में शोक व आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया. और नगर बंद कर हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने कि मांग की.

मामले में पुलिस ने घटना के 72 घंटों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और बताया कि दोनों की मौत शिकार के लिए बिछाए करंट की चपेट में आने से हुई है. लेकिन पुलिस की जाँच से बजरंग दल के कार्यकर्ता संतुष्ट नही हैं और अब इस मामले की सीबीआई जाँच कराने की मांग कर रहे हैं.

बजरंग दल के जिला सह संयोजक सुजीत स्वर्णकार की पहचान एक गोरक्षक के रूप में थी, सुजीत गो तस्करी रोकने में सक्रीय था. रात में कई बार वह गो तस्करी रोकने जाया करता था. 26 मई 2024 की रात वह घर में खाना खाने के बाद स्कूटी लेकर निकला, और रात को जब घर नहीं आया तो उसे परिजन घबराने लगे, लगातार मोबाइल से संपर्क करने से जवाब नही मिलने पर इसकी सुचना पुलिस को दी. पुलिस ने जब मोबाइल ट्रेस कर पता लगाया तो डूमरखी जंगल में सुजीत का शव दिखा, जिसके पास में ही एक युवती की लाश पड़ी थी.

पुलिस की शुरुआती जांच में हाथ-पैर के साथ कमर में निशान के कारण सुजीत की पीट-पीटकर हत्या की आशंका जताई जा रही थी,  लेकिन पुलिस के खुलाशे ने सबको चौका दिया.  

मामले में ज्ञापन देते हुए बजरंग दल सरायपाली ने बताया कि प्रशासन इस प्रकरण में लीपापोती करने का कार्य कर रही है,  विगत 27 मई को संदिग्ध अवस्था में सुजीत स्वर्णकार का शव जंगल में पाया गया था, मृतक के शरीर में पेट और जांघ में धारदार हथियार से वार किया गया,  जिस बात का पंचनामा में भी उल्लेख है. उसकी उंगलियां टूटी हुई थीं और गर्दन भी तोड़ी गई थी.

ज्ञापन में बताया गया कि सुजीत को हलाल करके अधमरा करने के बाद जीवित शरीर पर विद्युत करंट लगाया गया,  जो कि किसी निश्चित स्थान पर किया गया होगा, और इस तरह तड़पा-तड़पा कर बर्बरतापूर्वक हत्या कर उसके शव को जंगल में फेंक दिया गया होगा.

हिन्दू संगठनों का कहना है कि जिस लड़की का शव पास मे मिला है उसकी बड़ी बहन को रात करीब 1 बजे गो तस्कर के फोन आये थे, जिससे यह एक षड्यंत्र प्रतीत होता है.

क्षेत्र में आये दिन गो तस्करी की घटनाएँ सामने आ रही है बसना थाना क्षेत्र में 29 मई को एक कंटेनर में गोवंश ले जाते पाया गया था, जिसमें राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष मोहन सोनवानी ने पुलिस ने मामला दर्ज किया है. इसी दिन महासमुंद जिले की पटेवा ने एक और कंटेनर को 25 नग मवेशी ले जाते पकड़ा था. जबकि हाल ही में 3 जून को सरायपाली पुलिस ने कुल 32 नग गौ वंशीय मवेशी को कत्लखाने ले जाते पकड़ा है.

बसना में 29 मई को गो वंशों के साथ जो हादसा हुआ था वह अत्यंत ही दुखद था, अवैध रूप से परिवहन करने के दौरान करीब 15 मवेशी एक दुसरे में दबकर मर गए. घटना की जानकारी देते हुए मोहन सोनवानी ने बताया कि गोवंश से भरी कंटेनर बसना की ओर से पदमपुर मार्ग होकर ओड़िशा जा रही थी, इसी दौरान ट्रक ड्राइवर के मार्ग में अचानक पलसापाली का बेरियर आ जाने से वह घबराकर अपने ट्रक कंटेनर को मोड़ लिया जो पीछे करते समय फस गया, ट्रक के फसने से ड्राइवर फरार हो गया और घटना से कंटेनर के अंदर करीब 30 गायों में 15 की एक दुसरे के ऊपर दब जाने से हुई. घटना के बाद ग्रामीणों ने इसकी सुचना पुलिस मीडिया और हिन्दू संगठनो को दी थी.

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