छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण में मददगार ह... - CG Sandesh

छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण में मददगार होंगे इंटरसेप्टर वाहन : सीएम साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सिस्टम को हाईटेक कर हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने आज अपने आवास से 15 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते हुए यातायात नियमों का पालन सुरक्षित यात्रा की गारंटी देता है और इससे अन्य वाहन चालकों में भी सुरक्षा का भाव पैदा होता है। बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए हमें यातायात नियमों का पालन करने के लिए अधिक सचेत और गंभीर होने की आवश्यकता है। नियमों का पालन कर हम न केवल अपने बल्कि सहयात्रियों के अधिकारों का भी सम्मान करते हैं। इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय, विधायक अनुज शर्मा और पुलिस महानिदेशकअशोक जुनेजा सही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाहनों की उपयोगिता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी ली।



इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर वर्ष हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं और कई लोगों में स्थाई दिव्यांगता आ जाती है।
इस समस्या का समाधान समाज के सभी वर्गों के सहयोग से हो सकता है। यातायात नियमों का पालन कर वाहन चालक न केवल अपना व अपने परिवार बल्कि समाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
नियमों का पालन करने से सड़कों पर अनुशासन और व्यवस्था बनी रहती है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सकता है। गंतव्य तक की यात्रा सुखद और सुरक्षित अनुभव के साथ पूरी होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नए इंटरसेप्टर वाहनों से नियमों का पालन न करने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। हमारा उद्देश्य चालान वसूलना नहीं बल्कि लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक व सचेत करना है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिये सर्वसुविधायुक्त इंटरसेप्टर वाहनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, ताकि ओवर स्पीडिंग, नशे में वाहन चलाना, निर्धारित मापदण्ड से अधिक चकाचौंध के हेड लाईट्स, वाहन में लगे ध्वनि यंत्रों की तेज आवाज मापने तथा वाहनों के ग्लास में निर्धारित मापदण्ड से अधिक गहरी काली फिल्म लगाकर अपराध करने वाले वाहन चालको के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके। 15 नवीन इंटरसेप्टर वाहन मिलने से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को चिन्हित कर कार्यवाही की जा सकेगी। इन वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र तथा 360 डिग्री निगरानी हेतु सर्विलांस कैमरा भी है, जिससे सड़क दुर्घटना के मामले में कानून व्यवस्था की स्थिति की बेहतर निगरानी और सुगम यातायात प्रबंधन की कार्यवाही भी कर पाएंगे।

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा निधि प्रबंधन समिति की अनुशंसा पर राज्य शासन से प्रशासकीय स्वीकृति उपरांत सड़क सुरक्षा कोष मद से इन वाहनों का प्रबंध किया गया है।
वर्तमान में नवीन इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती जिला रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ सरगुजा, जगदलपुर, कांकेर में की जा रही है। इन 15 जिलों में इंटरसेप्टर वाहनों के संचालन हेतु कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।



भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें