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महासमुंद जिला के जगलबेड़ा में बच्चों को पहली बार 03 अगस्त को स्वर्ण प्राशन का आयोजन

सरायपाली विकासखंड के ग्राम जगलबेड़ा के श्री जगन्नाथ आरोग्य मंदिर के पास सामुदायिक भवन में राष्ट्र जागरण स्वतंत्र भक्तिपुर के द्वारा बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पुष्य नक्षत्र तिथि शनिवार 03 अगस्त 2024 को 06 माह से 16 वर्ष के बच्चों को न्युनतम सहयोग शुल्क 5 रुपये में स्वर्ण प्राशन कराया जावेगा। इस प्रकार का स्वर्ण प्राशन एवं मधु प्राशन संस्कार कार्यक्रम महासमुंद जिला में पहली बार आयोजन किया जावेगा। आयुष चिकित्सक जगदीश साहू ने बताया कि शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर आयुष मंत्रालय प्रति माह पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाता है। इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर राष्ट्र जागरण स्वतंत्र भक्तिपुर के द्वारा महासमुंद जिला के सरायपाली विकासखंड के ग्राम जगलबेड़ा के श्री जगन्नाथ आरोग्य मंदिर के पास सामुदायिक भवन में पुष्य नक्षत्र तिथि शनिवार 03 अगस्त 2024 को दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक निःशुल्क 0 से 06 माह के बालक बालिकाओं को मधु प्राशन और 06 माह से 16 वर्ष के बालक बालिकाओं को स्वर्ण प्राशन कराया जावेगा। जो कि चैत से फाल्गुन तक प्रत्येक महीना के पुष्य नक्षत्र तिथि स्वर्ण प्राशन कराया जावेगा। जब आधुनिम टीकाकरण का जन्म नही हुआ था तब 3000 वर्ष पूर्व आयुर्वेद के प्राचीनतम ग्रन्थ कश्यप संहिता में उल्लेखित सुवर्ण प्राशन संस्कार कराया जाता था। नवजात बच्चों को सोने और चांदी के चम्मच में मधु चटाया जाता था। 

यह संस्कार 16 संस्कारो में से एक संस्कार है। सुवर्ण प्राशन संस्कार स्वर्ण आबंध महंगी होने के कारण गरीब माता पिता अपने बच्चों को चाहकर भी नही करा सकते और ना ही प्रत्येक माह रायपुर जा सकते है। इस कार्यक्रम से फुलझर अंचल बसना, सरायपाली, पिथौरा सहित आसपास के अंचल बच्चों को लाभान्वित किया जा सकता है। यह सुवर्ण प्राशन आबंध पुष्य नक्षत्र के शुभ योग पर वैदिक मंत्रों के उच्चारण करते हुए सात्विक एवं पवित्र वातावरण में मधु, गाय घी और स्वर्ण भस्म से निर्मित होती है। यह गव्य चिकित्सा और आयुर्वेद चिकित्सा का सम्मिलित रूप है।

सुवर्ण प्राशन से बच्चों में रोगप्रतिकार क्षमता बढती है। बालक के शारीरिक विकास में सकारात्मक गति लाता है। स्मरणशक्ति और धारणशक्ति के साथ पाचन क्षमता बढाता है।

शारीरिक और मानसिक विकास के कारण वह ज्यादा चपल और बुद्धिमान बनता है। स्वर्णप्राशन मेधा बुद्धि, अग्नि पाचन अग्नि और बल बढानेवाला है। यह आयुष्यप्रद, कल्याणकारक, पुण्यकारक, वृष्य पदार्थ जिससे वीर्य और बल बढ़ता है। वर्ण्य शरीर के वर्ण को तेजस्वी बनाने वाला वाइरल इन्फेक्शन से सुरक्षा मिलती है और बच्चों का चिड-चिडापन, अनिंद्रा आदि दूर होते है। आगामी स्वर्ण प्राशन संस्कार कार्यक्रम शनिवार 03 अगस्त 2024 को आयोजित किया जाएगा। अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ दिलाने के लिए सभी अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं से राष्ट्र जागरण स्वतंत्र भक्तिपुर अपील करता है।

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